दोस्तो, उत्तराखंड के चर्चित टिहरी केतन हत्याकांड में अब ऐसा नया मोड़ आया है, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। जिस केस में अब तक हत्या, एससी/एसटी एक्ट और जातीय विवाद की चर्चा हो रही थी, उसी मामले में अब एक और गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या सामने आया कि मृतक केतन लाल और उसके एक साथी के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज करना पड़ा? क्या मेडिकल रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों के बाद जांच किसी नए मोड़ पर पहुंच गई है? दोस्तो उत्तराखंड के टिहरी जिले में बीते दिनों दलित नाबालिग किशोर की हत्या के मामले में नया मोड आ गया है. पुलिस के अनुसार नाबालिग लड़की के प्रेग्नेंसी से जुड़े दो टेस्ट कराए गए थे, जिनकी मेडिकल रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसीलिए इस मामले में अब पुलिस ने मृतक के दोस्त, जो चश्मदीद भी है, उस पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। दरअसल, दोस्तो बीती सात-आठ जून रात को करीब 11 बजे लंबगांव थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला किशोर अपने दोस्त के साथ पास के ही गांव में अपनी दोस्त लड़की (प्रेम प्रसंग मामला) से मिलने उसके घर गया था. वहीं पर लड़की के परिजनों ने दोनों लड़कों को पकड़ लिया।
दोस्तो आरोप है कि लड़की के परिजनों ने दोनों लड़कों के साथ मारपीट की थी, जिससे दोनों बुरी तरह घायल हो गए थे। इसके बाद दोनों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां लड़की के दोस्त (प्रेमी) की मौ,त हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक लड़के के परिजनों की तहरीर पर लड़की के पिता और दादा समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया। इस मामले में मृ’तक नाबालिग लड़के का दोस्त चश्मदीद है, जिस पर अब पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, इस मामले में नाबालिग लड़की की मां ने भी थाने में तहरीर थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। हालांकि बाद में हाईकोर्ट की तरफ से पुलिस को लड़की का पक्ष सुनने का आदेश भी दिया गया था। इसके बाद 11 जुलाई को लंबगांव थाना पुलिस ने मृ’तक के दोस्त जो इस पूरी घटना का चश्मदीद भी है, उस पर भी पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। वहीं दोस्तो जांच अधिकारी व सीओ चंद्रमोहन कहते हैं कि महिला एसआई हेमलता को इसके लिए अधिकृत किया है, और लड़की की मेडिकल रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, पुलिस अब इस पहलू से जांच में जुट गई है। वहीं दूसरी ओर लड़की के गांव के पूर्व प्रधान के नेतृत्व में भी लोगों ने टिहरी एसएसपी श्वेता चौबे से मुलाकात की। उन्होंने लड़की की मेडिकल रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने जांच अधिकारी बदलने की भी मांग की है। दोस्तो, टिहरी के इस बहुचर्चित मामले में अब जांच एक नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। जहां एक ओर हत्या के मामले में पहले से कार्रवाई जारी है, वहीं अब नाबालिग से जुड़े आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और न्यायालय के निर्देशों के आधार पर की गई है। मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। इसलिए फिलहाल किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानना जल्दबाजी होगी।