क्या बद्रीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी मामले में अब जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है? क्या मंदिर के CCTV फुटेज ने एसआईटी को ऐसा सुराग दिया है, जिससे पूरे मामले की नई कड़ियां जुड़ सकती हैं? आखिर फुटेज में ऐसा क्या है, जिसे एसआईटी अपनी जांच में अहम मान रही है? एसआईटी इसे इतना महत्वपूर्ण सबूत क्यों मान रही है? और क्या इस मामले में अब और बड़े खुलासे हो सकते हैं? बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के पीए की गिरफ्तारी के बाद कैसे खुलने लगे हैं चढावा चोरी के राज बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो लंबे समय से फरार चल रहे बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के पीए को आखिर का पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और एसआईटी मामले की जांच जुट चुकी है, लेकिन दोस्तो इस मामले में ये खबर जो मैआपको बताने जा रहा हूं, वो चौकाने वाली है। दोस्तो मै आपको वो चौकाने वाला नया खुलासा बताउं उससे पहले मै आआपको सियासी एंगल दिखा देता हूं। दोस्तो मामले की जांच कर रही एसआईटी ने खुलासा किया है कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की कई अवैध गतिविधियां पकड़ी हैं। इनमें मंदिर से नोट, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट अवैध रूप से ले जाते हुए जैसी घटनाएं दिखाई दी हैं। दोस्तो श्री बदरीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री में वित्तीय अनियमितता के मामले में चमोली पुलिस की एसआईटी ने अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया है। श्रद्धालुओं की आस्था एवं मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण का शासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिया गया, जिसके उपरांत पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित की गई।
दोस्तो, 08 जुलाई, 2026 को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली श्री बदरीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 एवं 316(5) के अंतर्गत केस दर्ज किया। दोस्तो इस तहरीर में कहा गया कि 02 जुलाई, 2026 को श्री बदरीनाथ मंदिर में थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की सूचना मिलने पर अध्यक्ष बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के आदेशानुसार गठित विभागीय जांच समिति की प्राथमिक जांच में मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल द्वारा थाली भेंट गणना स्थल से धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री को अवैध रूप से अपने निजी हित में चोरी-छिपे ले जाने के तथ्य सामने आए। दोस्तो प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए चमोली पुलिस विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. SIT द्वारा विवेचना के दौरान घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया। वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा दोस्तो, 02 जुलाई, 2026 की थाली भेंट गणना कक्ष की सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में साफ पाया गया कि अभियुक्त प्रमोद नौटियाल कई बार गणना कक्ष से धनराशि और अन्य भेंट सामग्री को अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा अपनी जेब में रखकर अवैध रूप से बाहर ले जा रहा था।
दोस्तो बदरीनाथ मंदिर से ये कीमती चढ़ावा अवैध रूप से ले जाता दिखा आरोपी, कहा ये गया कि प्रमोदी नौटियाल अलग-अलग समय पर ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट को अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया गया। दोस्तो यहां गौर करने वाली बात ये है कि केसर 2.5 से 3.5 लाख रुपए प्रति किलो तक बिकता है। दोस्तो बदरीनाथ मंदिर में चंदन और केसर का उपयोग मुख्य रूप से भगवान बदरी विशाल के शृंगार, अभिषेक और तिलक के लिए किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि ठंड में भगवान की मूर्ति को गर्माहट और शीतलता प्रदान करने के लिए इस पवित्र मिश्रण का लेप लगाया जाता है। इसे ‘तिलका’ या शृंगार कहते हैं। वहीं दोस्तो देहरादून से गिरफ्तार कर प्रमोद नौटियाल को बदरीनाथ ले जाया गया है: सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर पुलिस टीम ने दिनांक 12 जुलाई, 2026 की रात्रि अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को उसके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। अब दोस्तो क्या ये मामला सिर्फ एक मंदिर तक सीमीत है, या फिर बीकेटीसी के अधीन आने वाले सारे के सारे मंदिरों में चंदे की यू हीं बंदर बांट चल रही है। अब देखना ये है कि इस मामले और नए क्या खुलासे होते हैं।