Rain Alert रास्ते बंद, संपर्क टूटा, तबाही की रिपोर्ट!। Chamoli । Landslidealert। Uttarakhand News

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पहाड़ दरक रहे हैं, रास्ते बंद हो चुके हैं और मौत सिर पर मंडरा रही है! क्या आप सोच सकते हैं कि किसी के सिर पर ऐसी आफत आए कि वो पूरी रात सो न पाए? उत्तराखंड के चमोली से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जहां सेलखोला और रोयाणा गांवों में प्रकृति ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि सैकड़ों ग्रामीण खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। आखिर आधी रात को पहाड़ों से ऐसा क्या गिरा कि पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई? क्या इन परिवारों को सुरक्षित बचाया जा सकेगा? दोस्तो दोस्तो मै आपको वो रोगटं खड़े करने वाली तस्वीर दिखाउं उसके बड़े खतरे समझाउं उससे पहले आप जा इन तस्वीरों को देखिए, कैसे उत्तराखंड में बारिश से हाहाकार मचा है और अलर्ट पर अलर्ट हो रहा है। दोस्तो पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। इसको देखते ही टिहरी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। इसलिए टिहरी प्रशासन की ओर से लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। इसके अलावा दोस्तो देहरादून में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सेलाकुई समेत संवेदनशील इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद पुलिस टीमें लगातार मौके का जायजा ले रही हैं।लाउड हेलर के जरिए लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी जा रही है। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की लगातार निगरानी जारी है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके, लेकिन दोस्तो यहां कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की है और खास कर पहाड़ी क्षेत्रों में हाल बेहाल है अब कहानी में चमोली की एंट्री होती है।

चमोली जिले के देवाल विकासखंड के सेलखोला और रोयाणा गांवों की है। जब पूरी दुनिया चैन की नींद सो रही थी, तब इन गांवों के लोग अपनी जान बचाने के लिए रात भर जागते रहे। मानसून की मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी और अचानक पहाड़ों से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा नीचे बस्तियों की तरफ आने लगा। जमीन खिसकने की आवाजें ऐसी थीं, मानो कोई भूकंप आ गया हो.. दोस्तो भूस्खलन इतना भीषण था कि गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे प्रभावित इलाकों का संपर्क बाकी दुनिया से कट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बारिश का यही दौर जारी रहा, तो जो सड़कें बची हैं, वे भी जमींदोज हो जाएंगी। आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति ठप होने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। दोस्तो यहां आपको बता दूं सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि सेलखोला और रोयाणा के कई परिवारों के आशियानों पर इस समय सीधा खतरा मंडरा रहा है। मकानों के ठीक पीछे से दरकती पहाड़ियों ने लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर दी है। ग्रामीणों का दर्द है कि सालों की गाढ़ी कमाई से बनाए उनके घर कभी भी मलबे की चपेट में आ सकते हैं। स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई है, लेकिन सुदूर पहाड़ी इलाका होने के कारण राहत पहुंचने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन दोस्तो चुनौती यहीं खत्म नहीं होती। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए आने वाले दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसका सीधा मतलब है कि पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी और ज्यादा कमजोर होगी और भूस्खलन का खतरा दोगुना हो जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि जो परिवार खतरे की जद में हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए और बंद रास्तों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू हो। दोस्तो कुदरत के इस कहर के बीच सेलखोला और रोयाणा के लोग इस उम्मीद में हैं कि शासन-प्रशासन उन तक मदद पहुंचाएगा। हम दुआ करते हैं कि सभी सुरक्षित रहें। उत्तराखंड की आपदाओं और इस ग्राउंड रिपोर्ट पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि प्रशासन तक इन ग्रामीणों की आवाज पहुंच सके। पल-पल की अपडेट के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें।