उत्तराखंड के रामनगर (नैनीताल) में जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सांवल्दे और बसई गांवों में स्थित दो अवैध मजारों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया है. उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई इस प्रशासनिक कार्रवाई के तहत नेशनल हाईवे के समीप बनी इन धार्मिक संरचनाओं को पूरी तरह हटा दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, इन ढांचों को हटाने से करीब दो सप्ताह पहले बकायदा नोटिस चस्पा किया गया था, लेकिन तय समय-सीमा बीतने के बाद भी किसी के द्वारा स्वामित्व का दावा न करने और निजी भूमि स्वामियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस ध्वस्तीकरण को अंजाम दिया गया।
राज्य सरकार के दावों के मुताबिक, देवभूमि उत्तराखंड में सरकारी और प्रतिबंधित भूमियों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के इस विशेष अभियान के तहत अब तक राज्यभर में कुल 602 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि वनों, सार्वजनिक संपत्तियों और नदियों के किनारे किए गए किसी भी प्रकार के अवैध धार्मिक या व्यावसायिक निर्माण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. रामनगर में हुई इस ताजा कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में चिन्हित किए गए अन्य अवैध ढांचों और शहरी नालों पर किए गए पक्के अतिक्रमणों के खिलाफ भी बुलडोजर का अभियान इसी तरह जारी रहेगा।