देहरादून कलेक्ट्रेट में आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जनता की 126 नई शिकायतें दर्ज की गईं, जिसमें जिला प्रशासन ने बुजुर्गों के उत्पीड़न और उपेक्षा के मामलों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस जनसुनवाई में 73 वर्षीय बुजुर्ग मदनलाल भल्ला ने अपने बेटे द्वारा प्रताड़ित किए जाने की गुहार लगाई। इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज करने के आदेश जारी किए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों की संपत्ति हड़पने या उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सहायता और सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी।
बुजुर्गों से जुड़े संवेदनशील मामलों के अलावा इस समाधान दिवस में मुख्य रूप से अवैध कब्जों, अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल संकट और भूमि विवादों से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल शिकायतों का पंजीकरण न करें, बल्कि तय समय सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बैठक में सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबे समय से लंबित पड़ी शिकायतों की भी गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बंद करने के निर्देश दिए गए ताकि आम जनता को तुरंत राहत मिल सके।