उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रात के अंधेरे में मजारों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुँचाने की हालिया घटनाओं पर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स का गुस्सा फूट पड़ा है। शम्स ने इन हरकतों की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य के सांप्रदायिक सौहार्द और शांत माहौल को बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने मजारों को निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों को ‘चोर’ और ‘अराजक तत्व’ की संज्ञा दी और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने तीखे लहजे में पूछा कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस की तरफ से इतनी ढिलाई क्यों बरती जा रही है और इन घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की किसी संभावित राजनीतिक साजिश की आशंका भी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने और वोट बैंक साधने के उद्देश्य से कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का जानबूझकर दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान देश का सबसे बड़ा धर्मग्रंथ है और कानून को हाथ में लेकर आस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। शम्स ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से रात के समय धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और क्षेत्र में अमन-चैन कायम रहे।