उत्तराखंड सरकार शर्म करे! मंत्री Rekha Arya विवाद! | Girdhari Lal Sahu | Uttarakhand News

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मंत्री रेखा आर्य के समर्थन में उतरे अभिनेता हेमंत पांडे, तो सोशल मीडिया पर छिड़ गई नई बहस! आखिर ऐसा क्या बोले कि मामला मोदी-शाह तक पहुंच गया? उधर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने भी धामी सरकार से महिला सुरक्षा पर सीधे सवाल दागे हैं। अब सवाल ये है—रेखा आर्य के समर्थन से उठी आवाज़ क्या महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ी बहस बनेगी, या सियासत में एक नया मोर्चा खुलेगा? देखिए पूरी रिपोर्ट! दोस्तो देवभूमि उत्तराखंड की राजनीति इस वक्त एक ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहाँ सामाजिक मर्यादाएं और सियासी पैंतरेबाज़ी आपस में टकरा रही हैं! एक तरफ जहाँ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य अपने पति गिरधारी लाल साहू के खौफनाक लीक ऑडियो को लेकर बिलख-बिलख कर रो रही हैं और सुरक्षा की गुहार लगा रही हैं, तो दूसरी तरफ इस घरेलू कलह ने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था और वीआईपी कल्चर पर कई गंभीर सामाजिक और राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं! कांग्रेस के नेता कैमरे के सामने आकर सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछ रहे हैं कि—‘जब आपकी कैबिनेट मंत्री ही आपके राज में भय और अत्याचार के साए में जी रही हैं, तो आम नागरिक और पहाड़ की बेटियों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?’ वहीं कुछ लोग सीधे साधी रेखा आर्या के साथ है कह रहे हैं रेखा आर्या को फुल स्पोर्ट। दोस्तो सबसे आप सुनिए इस मामले पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने क्य, कैसे सरकार को घेरा। दोस्तो इतना ही नहीं अब आग लगी तो धुंआ भी दम घोटेगा ही। इसके अलावा दोस्तो एक बयान करन महरा का भी आया उन्हेंने मंत्री रेखा आर्या के केस को सीधे अंकिता भंडारी जोड़ते हुए उत्तराखंड बीजेपी और सरकार भंयकर वार किया है।

दोस्तो अंकिता भंडारी न्याय आंदोलन का हवाला देते हुए पूछा कि आखिर उत्तराखंड में कितनी और अंकिताएं अपनी जान गंवाएंगी? चाहे वो उधम सिंह नगर की नर्स हो, या हरिद्वार की 14 साल की बच्ची. माहरा ने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता की आधी रात को हुई गिरफ्तारी को बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि आज सत्ता के संरक्षण में बैठे लोगों का हौसला इतना बढ़ गया है कि खुद सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य अपनी और अपने बच्चों की जान को खतरे में बता रही हैं. माहरा ने सीधे तंज कसा कि—‘मोदी जी और धामी जी के राज में ये क्या हो रहा है? जब आपकी सरकार और प्रशासन के रहते आपकी मंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता किसके भरोसे जिए? अब दोस्तो इस पूरे मामले का सामाजिक पहलू बेहद डरावना है। मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू का जो वीडियो और ऑडियो साझा किया है, उसमें वो किसी अन्य महिला के साथ मिलकर मंत्री को रास्ते से हटाने और हत्या की साज़िश रचते साफ़ सुनाई दे रहे हैं। करन माहरा ने याद दिलाया कि यह वही गिरधारी लाल साहू है जिसने पहले पहाड़ों की बेटियों को ‘खरीदने’ की शर्मनाक बात कही थी, जिसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के बरेली में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन सरकार समय रहते नहीं चेती। आज जब एक महिला मंत्री खुद को लाचार पाकर देश के संविधान और कानून से सुरक्षा मांग रही है, तो यह देवभूमि के सामाजिक ताने-बाने पर एक गहरा आघात है। दोस्तो इस घमासान के बीच एक बिल्कुल अलग सामाजिक और मानवीय एंगल तब सामने आया, जब उत्तराखंड के मशहूर अभिनेता हेमंत पांडे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. रेखा आर्य के आंसुओं को देखकर भावुक हुए हेमंत पांडे ने कैमरे के सामने आकर कहा—‘बहन, आप चिंता मत करो।

पार्टी पॉलिटिक्स अपनी जगह है, लेकिन जहाँ मान-सम्मान और मर्यादा की बात आएगी, पूरा उत्तराखंड और आपका यह भाई आपके साथ चट्टान की तरह खड़ा है।’ हेमंत पांडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि इस बेहद गंभीर और कथित तौर पर राजनीति से प्रेरित मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए, क्योंकि देवभूमि की किसी भी बेटी या महिला के साथ ऐसा दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोस्तो लेकिन हेमंत पांडे का यह बयान आते ही इंटरनेट की जनता ने एक नई सामाजिक बहस छेड़ दी है. आलोचक सोशल मीडिया पर तीखे सवाल उठा रहे हैं कि जो हेमंत पांडे आज एक कैबिनेट मंत्री के आंसुओं पर इतने व्याकुल हो उठे हैं, वो अंकिता भंडारी हत्याकांड के समय न्याय की मांग के लिए सड़कों पर क्यों नहीं दिखाई दिए? जनता पूछ रही है कि क्या पहाड़ों के जनहित के मुद्दों और आम गरीब बेटियों के हक में भी सेलिब्रिटीज की ऐसी आवाज़ कभी बुलंद होगी? यानी यह पूरा मामला अब केवल एक पति-पत्नी की कानूनी जंग नहीं रहा, बल्कि यह ‘रसूख बनाम आम जनता’ और ‘सत्ता बनाम विपक्ष’ के एक बेहद बड़े सामाजिक द्वंद्व में तब्दील हो चुका है.लेकिन आप क्या सोचते हैं वो ज्यादा मत्वपूर्ण है बताइये कमेंट के जरिए।