उत्तराखंड: जर्जर स्कूल की छत का गिरा प्लास्टर, बाल-बाल बचे बच्चे; भाग कर बचाई जान

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रस्टाड़ी में बड़ी घटना टल गई। जहां कमरे में पढ़ाई कर रहे कक्षा आठ के बच्चों की मेज पर छत से भारी मात्रा में सीमेंट और रोड़ी के टुकड़े जा गिरे।

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उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों के हाल बेहद खस्ता हैं। आलम ये है कि जर्जर भवनों में नौनिहाल अपनी जान को हथेली में रखकर भविष्य गढ़ने में जुटे हैं। Govt Primary School Rastari Ceiling Fall जहां उनके साथ कभी भी हादसा हो सकता है। ऐसा ही एक नमूना उत्तरकाशी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रस्टाड़ी में देखने को मिला। नौगांव विकासखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रस्टाड़ी में शुक्रवार को बारिश के कारण एक कक्ष की छत से प्लास्टर टूटकर छात्रों पर गिर गया। हादसे से मौके पर चीख पुकार मच गई, हालांकि किसी छात्र या शिक्षक को चोट नहीं आई है। लेकिन घटना के बाद से छात्रों में दहशत का माहौल है। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को पंचायत भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से खंड शिक्षाधिकारी ने बच्चों को पंचायत भवन में शिफ्ट कर पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, जीर्ण शीर्ण विद्यालय भवन की छत से काफी समय से सीमेंट झड़ रहा है। कई जगह से छत खोखली हो चुकी है और सरिया के जाल साफ दिखाई दे रहा है। रात को हुई बारिश से छत पर जमा पानी की वजह से छत से सीमेंट के बड़े-बड़े टुकड़े भरभराकर बच्चों की पढ़ाई के मेज पर गिरे। जिससे बच्चों में चीख पुखार मच गई। गनीमत रही ये टुकड़े बच्चों पर नहीं गिरे। जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। साल 2010-11 में बना विद्यालय भवन डेढ़ दशक बाद ही जीर्ण शीर्ण हो गया। हल्की बारिश होने पर भी विद्यालय की छत से सीमेंट झड़ना शुरू हो जाता है। ग्रामीण कई बार विभागीय अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन आरोप है कि विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।