Uttarkashi Babita Pandey केस में कहां हो रही बड़ी चूक? | Dayara Bugyal | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल टैक पर गहमागमी बड़ती दिखाई दी है, लापता बबीता पांडे केस में पुलिस के आए ताजा बयान में क्या है। कैसे पूरे सर्च ऑपरेशन की जानकारी दे कर भी ये नहीं बताया जा रहा है कि कहां हो रही है बड़ी चूक। देखिए कैसे बबीता पांडे के रहस्यम तरीके से गयाब होने पर कैसे पुलिस ने बताया पूरा सच, मेरी इस पोर्ट के जरिए। Babita Pandey missing from Dayara Bugyal दोस्तो दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता बबीता पांडे का आखिर अब तक कोई सुराग क्यों नहीं मिल पाया? क्या सर्च ऑपरेशन में कहीं कोई बड़ी चूक हो रही है, या फिर इस गुमशुदगी के पीछे कोई ऐसा रहस्य छिपा है जो अभी सामने आना बाकी है?10 दिन बीत जाने के बाद भी बबीता का पता नहीं चल सका है। हालांकि पुलिस का दावा है कि जमीन से लेकर आसमान तक हर संभव कोशिश की जा रही है। हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण, कई एजेंसियों की संयुक्त सर्चिंग और साथ गए दोनों युवकों से लगातार पूछताछ—जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—आखिर बबीता पांडे कहां हैं? और क्या इस पूरे मामले में कोई अहम कड़ी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है? इसी को लेकर पुलिस ने अब सर्च ऑपरेशन और जांच से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की है।

दोस्तो ये वो नई और ताजा जानकारी जो पुलिस द्वारा दी गई है, लेकिन पुलिस के पास कोई भी ऐसी बात नहीं है बताने लायक जिससे की लापता बबीता पांडे के बारे कुछ सुराग मिला हो। आखिर क्यों ऐसा है हो रहा है, ये एक बड़ा सवाल है लेकिन दोस्तो उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता हुई युवती ट्रैकर बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यह मामला अब केवल एक गुमशुदगी का नहीं बल्कि एक ऐसे रहस्य का रूप ले चुका है, जिसने प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है दोस्तो रामनगर निवासी बबीता पांडे अपने दो युवक साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रैक पर घूमने पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि ट्रैकिंग के दौरान गोई क्षेत्र में वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। इसके बाद से ही पुलिस, प्रशासन और विभिन्न एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई हैं, हालांकि अब तक की तमाम कोशिशों के बावजूद बबीता का कोई पता नहीं चल पाया है। दोस्तो बबीता की तलाश के लिए चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन लगातार व्यापक होता जा रहा है। दोस्तो पहले जहां खोज अभियान दयारा बुग्याल क्षेत्र तक सीमित था, वहीं अब इसे आगे बढ़ाकर डोडीताल ट्रैक और उससे जुड़े अन्य संभावित क्षेत्रों तक विस्तारित कर दिया गया है। और इसके बाद आपने वो तस्वीर भी देखी होगी जब यूकाडा के हेलीकॉप्टर की मदद से पूरे क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया। हेलीकॉप्टर के जरिए दयारा ट्रैक और आसपास के दुर्गम इलाकों की बारीकी से जांच की गई, ताकि किसी भी संभावित सुराग को तलाशा जा सके।

दोस्तो इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच को दो अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है। एक टीम पूरी तरह सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है, जबकि दूसरी टीम मामले के संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि जब तक सभी संभावनाओं की जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वहीं दोस्तो पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, बबीता की तलाश में पुलिस, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, निम, यूआरटी, राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इसके अलावा स्थानीय गौचर, भेड़ पालक और ग्रामीण भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बावजूद टीमें लगातार खोज अभियान में जुटी हुई हैं। वहीं दोस्तो पुलिस का दावा है कि दयारा बुग्याल और उससे जुड़े लगभग सभी संभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सर्चिंग की जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक कोई ऐसा ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे बबीता की लोकेशन का पता चल सके।

यही वजह है कि मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है। वहीं दोस्तो दूसरी ओर, बबीता के साथ ट्रैक पर गए दोनों युवक भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उनकी गतिविधियों, बयानों और घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। मामले की जांच की जिम्मेदारी बड़कोट क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है, जो पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। दोस्तो अब पुलिस ने ऐसा तो कुछ भी नहीं बताया है कि जिससे ये लगे कि बबीता पांडे का सर्च ऑपरेशन कोई मुकाम पर अब तक पहुचा है, लेकिन दोस्तो 10 बीत जाने के बाद भी बबीता पांडे का कोई सुराग न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या वो किसी दुर्घटना का शिकार हुई हैं, या फिर इस गुमशुदगी के पीछे कोई और कहानी छिपी है? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच और सर्च ऑपरेशन के नतीजों पर निर्भर हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जब तक बबीता पांडे का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन और जांच दोनों समानांतर रूप से जारी रहेंगे। पूरे उत्तराखंड की निगाहें अब इस मामले पर टिकी हैं और सभी को उस पल का इंतजार है, जब इस रहस्य से पर्दा उठेगा। दोस्तो पुलिसिया आ रहे इन बयान और दयारा में दिखाई दे रहा सर्च ऑपरेशन के क्या कहता है, आपको क्या लगता है अपनी राय जरुर दे।