गायब Babita Pandey को जमीन खा गई? | Uttarkashi | Dayara Bugyal | Missing | Uttarakhand News

Spread the love

जी हां दोस्तो उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से गायब बबीता पांडे को जमीन खा गई या आसमान ने निगल लिया। कैसे अब बबीता पांडे के रहस्यमत तरीके से गायब होने खबर घर गांव, तक पहुंच रही है। कैसे लोगों के रिएक्शन आ रहे हैं इस पर कोई बता रहा है। परियों की कहानी और परियों का देश था बल कोई कहता है ऐसा कुछ नहीं है, कोई इस तरह से गायब नहीं हो सकता है। क्योंकि स्थानीय लोग ये मानते हैं कि खुबशुरूत बुग्यालों में पहाड़ी देवीदेवताओं का वास होता है, लेकिन कैसे बबीता पांडे के रहस्य को लेकर लोग बता रहे हैं। गुमशुदगी का राज और कैसे कयासबाजियों पर उठा रहे हैं सवाल। वैसे तो दोस्तो आप सबने मेरी खबरों को देखा है। जो भी जानकारी आई मेने वो आप तक पहुंचाई, वो सवालों के साथ कि कैसे उत्तराखंड की कोई बेटी ऐसे ही गायब हो सकती है, गायब हुई तो हुई लेकिन हमारा सुरक्षा और जांच तंत्र कैसे फिसडी दिखाई दे रहा है। वो सब कुछ आपको बताता आया हूं इस घटना के घटने के पहले दिन से लेकर आज तक लेकिन दोस्तो बात मेरी और आपकी नहीं क्योंकि आप लोग भी कमेंट कर कई तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दोस्तो इन भाई जी की बातों में आपको क्या लगता है, ये तमाम अपडेड दे रहे हैं बबीता के गायब होने को लेकर साथ ही बता रहे हैं जीतू बगड़वाल की कहानी बता रहे हैं जो मेने भी आपको बताई थी। कैसे हमारे उत्तराखंड में देवी देवताओं के साथ ही आंचरियों और परियों का राज कुछ खुबसुरत बुग्याल में है आज है या नहीं ये मै भी नहीं कह सकता है, लेकिन दोस्तो जिस तरह से कयास लगाए जा रहे हैं उन कयासों को तब ही बिराम लगेगा जब बबीता पांडे के बारे में कोई सुराग मिलेगा या वो खुद कहीं चली गई हैं तो वो सामने आ कर नहीं बताती तब तक हम और आप ऐसा वैसा सोचते रहेंगे और कहते रहेंगे, लेकिन दोस्तो मै आपको पूर्व ब्लॉक प्रमुख भटवारी वीनिता रावत का बयान सुना रहा हूं।

दोस्तो दयारा बुग्याल से लापता बबीता पांडे को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई “परियों” की कहानी सुना रहा है तो कोई अलग-अलग दावे कर रहा है। लेकिन सवाल है—क्या ऐसे संवेदनशील मामले में कयासों पर भरोसा करना सही है? बबीता की तलाश में कई एजेंसियां जुटी हैं और जांच जारी है ऐसे में अफवाहों नहीं, बल्कि तथ्यों और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है। दोस्तो क्या दयारा बुग्याल के पहाड़ों ने बबीता पांडे को अपने आगोश में छिपा लिया है? आखिर नौ दिन बाद भी रामनगर की बबीता का कोई सुराग क्यों नहीं मिला? क्या वह किसी हादसे का शिकार हुईं, या फिर इस गुमशुदगी के पीछे कोई ऐसा राज छिपा है जो अब तक सामने नहीं आ पाया? दोस्तो सोशल मीडिया से लेकर गांव-गांव तक बबीता पांडे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं। कोई इसे दुर्घटना बता रहा है तो कोई इस मामले में और भी कई सवाल उठा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और कई एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, तब भी बबीता का कोई निशान क्यों नहीं मिल रहा?आखिर बबीता पांडे कहां हैं? क्या जांच किसी अहम कड़ी तक पहुंचने वाली है, या यह रहस्य और गहराता जा रहा है?