दोस्तों, पहाड़ों की रानी मसूरी में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि अचानक एक मकान पर दो पेड़ और पुश्ता आ गिरा। देखते ही देखते घर की छत टूट गई और मलबा घर के अंदर तक जा पहुंचा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सवाल ये है कि क्या लगातार बारिश के बीच पहाड़ों की रानी पर खतरा मंडरा रहा है? मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को जरूरी निर्देश दिए हैं। आखिर क्या हैं CM धामी के निर्देश और मौके पर क्या हैं हालात? उत्तराखंड में मानसून की बौछार जारी है. जिससे कई जगहों पर नुकसान भी देखने को मिला है। मसूरी में भी लगातार बारिश से स्प्रिंग रोड पर मकानों पर दो विशाल पेड़ और पुश्ता भरभराकर गिर गया। हादसे में मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और मलबा घर के अंदर तक घुस गया। हालांकि, राहत की बात ये रही कि घर में मौजूद लोग समय रहते सुरक्षित रहे और कोई जनहानि नहीं हुई।
दोस्तो ये तस्वीर तो एक है लेकिन ऐसी कई तस्वीरें अपने उत्तराखंड में बीते कई दिनों से देखने को मिल रही है वहीं दूसरी ओर चर्चा एक और तस्वीर की है, और मसूरी देहरादून मार्ग पर कोल्हूखेत के हनुमान मंदिर के पास आया मलवा मार्ग बंद, दोनों तरफ लगी वाहनों की लम्बी कतारें इस बात की तशदीक कर रही है कि मसूरी को लेकर एक बार फिर तमाम सोच, शोध और कार्रवाई की जरुरत है। ये मसूरी रोड पर बाहनों की कतार इस लिए क्योंकि मसूरी-देहरादून मार्ग पर पावर हाउस से आगे हनुमान मंदिर के पास भारी भूस्खलन होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
दोस्तो ये बारिश ये तबाही की तस्वीरें जहां आज जन को डरा रही हैं तो वहीं सरकार और सिस्टम को अलर्ट, क्योकि दोस्तो मौसम के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से बारिश, तमाम जिलों की स्थिति, बंद सड़क मार्गों, नदियों के जलस्तर, जलभराव, राहत और बचाव कार्यों और प्रशासन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। ये इसलिए भी जरूरी लगता है दोस्तो क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने 30 जुलाई को उत्तराखंड के तमाम जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तो दोस्तों, मसूरी में बारिश से आई आफत की तस्वीरों ने एक बार फिर पहाड़ों की संवेदनशीलता और तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मकान पर गिरे पेड़ और पुश्ते से लेकर मसूरी-देहरादून मार्ग पर भूस्खलन तक, मौसम की मार लगातार बढ़ती नजर आ रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ बंद रास्तों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। फिलहाल मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। आप भी सुरक्षित रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें।