दोस्तों, CJP प्रोटेस्ट से सुर्खियों में आए उत्तराखंड के निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। शेर सिंह ने अब पुलिस महकमे को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि वह अफसरों की हिस्ट्री खोलेंगे। आखिर शेर सिंह के इस बयान के पीछे क्या कहानी है और उनके निशाने पर कौन-कौन से अफसर हैं? दोस्तो सबसे पहले मै आपको ये बता दूं कि उत्तराखंड के निलंबित सिपाही शेर सिंह का नया वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने खुद को हिस्ट्रीशीटर बताने वाले अधिकारियों को समय आने पर ‘हिस्ट्री खोलने’ की चेतावनी दी है। STF द्वारा जेल भेजे जा चुके और IG के पूर्व गनर रहे शेर सिंह का दावा है कि वह कोर्ट से निर्दोष साबित हो चुके हैं, लेकिन दोस्तो कैसे इस मामले में अब उत्तराखंड पुलिस में हलचल मची है वो देखिएगा। दोस्तो उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह का नया वीडियो सामने आने के बाद महकमे में खलबली मच गई है।
वीडियो में शेर सिंह अधिकारियों द्वारा खुद को ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताए जाने पर बिफर पड़े हैं. उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी हवा में हिस्ट्रीशीट का टैग देने का अधिकार नहीं है और वक्त आने पर वो अधिकारियों का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलेंगे। दोस्तो वायरल वीडियो में शेर सिंह ने अधिकारियों के दावों को खारिज करते हुए अपनी बेगुनाही का दावा किया है। हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर जट्ट के निवासी शेर सिंह का कहना है कि सस्पेंशन के बाद मामला कोर्ट में गया था, जहां वो पूरी तरह निर्दोष साबित हो चुके हैं। शेर सिंह का दावा है कि उनके बेगुनाह होने के सबूत के तौर पर अदालत के आदेश की कॉपी उनके पास सुरक्षित मौजूद है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी मनमाने ढंग से उन पर हिस्ट्रीशीटर का ठप्पा लगा रहे हैं, जिसका जवाब वह सही समय आने पर देंगे। इसके अलावा बहुत कुछ सुनिए वो शेर सिंह क्यों कह रहे हैं कि फंसाया गया है। इसके आलावा शेर सिंह ने एक चौकाने वाली बात बताई और कहा कि उन्हें इस बात को लेकर दबाव में डाला जा रहा था कि या तो बीजेपी जॉइन कर लो नहीं तो तेरा एंकाउटर कर देंगे।
दोस्तो रुड़की के पास बहादुरपुर जट्ट गांव के रहने वाले शेर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। शेर सिंह पूर्व में आईजी गढ़वाल का गनर रह चुका है, साल 2025 में उसे ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया था। दोस्तो लगभग 7-8 महीने पहले देहरादून STF ने जमीन के लेन-देन से जुड़े एक मामले में कुख्यात प्रवीण बाल्मिकी गैंग की मुखबिरी करने के आरोप में शेर सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे जेल भी जाना पड़ा था। शेर सिंह सोशल मीडिया पर भीम आर्मी से जुड़े वीडियो लगातार शेयर करता रहता है। खबरों के अनुसार, शेर सिंह ने पुलिस मुख्यालय को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए भी आवेदन भेजा हुआ है। दोस्तो इस मामले पर पुलिस प्रशासन सतर्क रुख अपना रहा है IG कुमाऊं रेंज निवेदिता कुकरेती ने इस मामले पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रकरण में कोई भी आधिकारिक बयान देने या कानूनी कार्रवाई करने के लिए पिथौरागढ़ के एसपी ही अधिकृत और उत्तरदायी हैं हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगातार ट्रेंड कर रहा है।