दोस्तो, उत्तराखंड की सियासत में इस वक्त एक ऐसा सियासी टकराव सामने है, जहां आमने-सामने हैं ससुर हरक सिंह रावत और बहू अनुकृति गुसाईं! ED को लेकर हरक के बयान पर अनुकृति ने भी पलटवार किया और कहा कि उनके ससुर पर दबाव बनाया जा रहा है।तो आखिर ED के मुद्दे पर क्यों भिड़े ससुर-बहू?और क्या इस बयानबाजी के पीछे सिर्फ सियासत है? दोस्तो उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी, सबसे तीखी और पारिवारिक ड्रामे से भरपूर राजनीतिक खबर सामने आ रही है! राजनीति में आपने पार्टियों को लड़ते देखा होगा, विरोधियों को एक-दूसरे के खून का प्यासा बनते देखा होगा, लेकिन जब एक ही छत के नीचे एक ही घर में ससुर और बहू ही एक-दूसरे के खिलाफ जंग का ऐलान कर दें, तो समझ लीजिए कि सियासी भूचाल आना तय है! जी हां, उत्तराखंड कांग्रेस के कद्दावर नेता और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और उनकी बहू, जो कि भाजपा की फायरब्रांड प्रदेश प्रवक्ता हैं—अनुकृति गुसाईं रावत। खुलकर आमने-सामने आ चुके हैं! ससुर ने खुले मंच से दावा कर दिया कि उनकी बहू ED (प्रवर्तन निदेशालय) के खौफ से डरकर भाजपा में शामिल हुई है! लेकिन मिस इंडिया रह चुकीं बहू अनुकृति ने भी ऐसा तीखा पलटवार किया है कि कांग्रेस के खेमे में सन्नाटा पसर गया है! अनुकृति ने सीधे कह दिया—’पापा खुद नहीं बोल रहे, कांग्रेस उन पर दबाव डालकर यह सब करवा रही है!’ आखिर इस ससुर-बहू की जंग का असली इनसाइड ट्रैक क्या है? आगे मै आपको दिखाने जा रहा हूं सास – बहु नहीं ससुर- बहु के तीखे बयान।
दोस्तो अब सियासत की हनक जब अपनों के खून पर भारी पड़ने लगे, तो रिश्ते भी दलगत राजनीति की भेंट चढ़ जाते हैं। उत्तराखंड के सबसे चर्चित और अक्सर विवादों में रहने वाले नेता हरक सिंह रावत के घर में आज एक ऐसी राजनीतिक दरार चौड़ी हो चुकी है, जिसकी गूंज पूरे राज्य में गूंज रही है। हरक सिंह रावत ने अपनी ही बहू पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद तो किसी जांच से घबराने वाले व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार के जो लोग ED की जांच से घबरा गए, वे भागकर भाजपा में शामिल हो गए! हरक सिंह का इशारा सीधे तौर पर अपनी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं की तरफ था। दोस्तो अब ससुर के इस तीखे तीर पर बहू अनुकृति गुसाईं ने भी खामोश रहना मंजूर नहीं किया। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर मीडिया के सामने आते ही अनुकृति ने सीधे अपने ससुर के वक्तव्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। अनुकृति ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि डॉ. रावत जिस समय को लेकर ED की जांच की बात कर रहे हैं, उस समय तो न तो वे राजनीति में थीं, न इस परिवार का हिस्सा थीं और न ही उनकी शादी हुई थी! ऐसे में उनके डरने का सवाल ही पैदा नहीं होता। अनुकृति ने साफ लफ्जों में आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर उनके परिवार के मुखिया को दबाव में लेकर एक बेटी की आवाज को दबाने की घिनौनी साजिश रच रही है।
दोस्तो खबरों के मुताबिक अनुकृति का दावा है कि यदि हरक सिंह से कैमरे के बाहर एकांत में बात की जाए, तो वे खुद मानेंगे कि यह बयान उनका नहीं बल्कि कांग्रेस का दबाव है। दरअसल, हरक सिंह इस समय कांग्रेस में बड़े पद पर हैं, लेकिन उनकी बहू का भाजपा में जाना और लगातार कांग्रेस पर हमलावर रहना कांग्रेस आलाकमान को हजम नहीं हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस लगातार हरक सिंह पर यह दबाव बना रही है कि यदि वे अपने ही परिवार के सदस्यों को पार्टी में वापस नहीं ला सकते, तो उनका खुद का राजनीतिक कद छोटा हो जाएगा। इसी खीझ का नतीजा है कि आज ससुर को अपनी ही बहू के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा है।
दोस्यो यहां याद कीजिए साल 2022 का वो दौर, जब हरक सिंह रावत ने अपनी इसी बहू अनुकृति को लैंसडाउन सीट से कांग्रेस का टिकट दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। बहू के राजनीतिक करियर के लिए हरक सिंह ने अपनी पुरानी पार्टी से बगावत तक मोल ले ली थी, लेकिन वक्त बदला, समीकरण बदले, और मार्च 2024 में अनुकृति ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। आज स्थिति यह है कि ससुर कांग्रेस को उत्तराखंड में स्थापित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, तो बहू भाजपा की प्रवक्ता बनकर धामी सरकार की नीतियों का गुणगान कर रही हैं। एक ही डाइनिंग टेबल पर बैठने वाले ये दो चेहरे अब राजनीतिक मंचों पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी बन चुके हैं। दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति में हरक सिंह रावत को पलटी मारने और अपने बयानों से भूचाल लाने का उस्ताद माना जाता है। लेकिन इस बार उनका पाला किसी बाहरी विरोधी से नहीं, बल्कि उन्हीं की बहू से पड़ा है जो उनके हर दांव का तोड़ जानती हैं। ससुर-बहू के बीच छिड़ी यह सियासी तकरार केवल एक पारिवारिक मतभेद नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावी सरगर्मियों से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच होने वाले बड़े दंगल का ट्रेलर है। अब देखना यह होगा कि इस घरेलू महाभारत में कौन किस पर भारी पड़ता है। इस जंग पर आप क्या कहेंगे, कमेंट जरुर कीजिए।