दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण (GRAP-4) के कड़े नियमों और BS-6 मानकों के लागू होने के कारण उत्तराखंड रोडवेज की करीब 200 बसों की राजधानी में एंट्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। इस पाबंदी के चलते त्योहारी सीजन में दिल्ली और देहरादून के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मार देहरादून से चलने वाली लग्जरी वोल्वो बसों पर पड़ी है, जिनमें से करीब एक दर्जन गाड़ियां मानकों पर खरी न उतरने के कारण डिपो में ही खड़ी हो गई हैं। अचानक पैदा हुए इस परिवहन संकट से निपटने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) अब नॉन-BS-6 बसों को अन्य वैकल्पिक रूटों और उत्तर प्रदेश के शहरों में शिफ्ट करने की योजना बना रहा है।
इस बड़े संकट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को राहत देने के लिए मोर्चा संभाल लिया है और इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड के परिवहन मंत्री और अधिकारी दिल्ली सरकार के साथ संवाद कर रहे हैं और त्योहारी सीजन को देखते हुए जल्द ही किसी सकारात्मक और बीच के रास्ते पर सहमति बन जाएगी। इसके साथ ही, धामी सरकार परिवहन बेड़े के आधुनिकीकरण में तेजी ला रही है और यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही 138 नई इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी की जा रही है, जिससे भविष्य में इस तरह के संकटों से पूरी तरह निजात मिल सके।