उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चले आ रहे भाजपा और कांग्रेस के द्विपक्षीय दबदबे को चुनौती देने के लिए बॉबी पंवार की अगुवाई वाली ‘राज्य स्वराज पार्टी’ ने बागेश्वर जिले की कपकोट विधानसभा सीट से अपने चुनावी अभियान का शंखनाद कर दिया है। कपकोट के केदारेश्वर मैदान में आयोजित “युवा लाएगा बदलाव शंखनाद” जनसभा में भारी संख्या में स्थानीय युवाओं और आम जनता की मौजूदगी ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा से जुड़े नेताओं द्वारा गठित इस नए राजनीतिक दल ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपने चुनाव चिह्न ‘हीरा’ के साथ मैदान में उतरने का औपचारिक ऐलान कर दिया है, जिसे क्षेत्र में एक नई और मजबूत तीसरी ताकत के उदय के रूप में देखा जा रहा है।
इस विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बॉबी पंवार और स्थानीय नेता भूपेंद्र कोरंगा ने उत्तराखंड के मूल अधिकारों और पहाड़ की बुनियादी समस्याओं को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया। पार्टी ने रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के साथ-साथ राज्य के संवेदनशील मुद्दों जैसे मूल निवास और सख्त भू-कानून लागू करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के बीच बॉबी पंवार की लोकप्रियता और स्थानीय स्तर पर मिल रहा यह जनसमर्थन यदि आने वाले समय में वोट बैंक में तब्दील होता है, तो यह कपकोट सीट समेत पूरे प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के पारंपरिक चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।