500 श्रमिक बुलाए गए… फिर क्यों मची अफरा-तफरी? | Uttarakhand News

Spread the love

चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत आयोजित किट वितरण शिविर कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गया। गोपेश्वर पुलिस मैदान में श्रमिक और स्कूल किट लेने के लिए पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की इस कदर भारी भीड़ उमड़ी कि प्रशासन की तमाम व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। दसौली सहित विभिन्न विकास खंडों से सैकड़ों श्रमिक सुबह 5 बजे से ही लंबी-लंबी कतारों में लग गए थे। सभी ब्लॉकों के श्रमिकों को एक ही समय पर बुलाए जाने के कारण वितरण स्थल पर भीड़ बेकाबू हो गई और काउंटरों पर दिनभर अफरा-तफरी व मारामारी का माहौल बना रहा, जिससे जनता में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया।इस शिविर में सबसे ज्यादा परेशानी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आए गरीब श्रमिकों को उठानी पड़ी। दशोली ब्लॉक के अत्यंत दूरस्थ गांव डुमक और कलगोट जैसे सुदूर इलाकों से कई श्रमिक मीलों का सफर पैदल तय करके मुख्यालय पहुंचे थे, जो कड़कती धूप में सुबह से दोपहर बाद तक बिना खाए-पिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस योजना के तहत पंजीकृत मजदूरों को स्वास्थ्य व श्रम टूलकिट और उनके बच्चों के लिए स्कूल किट का वितरण किया जाना था, लेकिन विभागीय तालमेल की कमी के कारण श्रमिकों को राहत के बदले भारी परेशानी झेलनी पड़ी