सावधान! उत्तराखंड में तेजी से पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू; 49 मामलों के साथ बढ़ा मौत का आंकड़ा

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उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश के बीच अब एक नया स्वास्थ्य संकट गहराने लगा है। राज्य में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बेहद तेजी से पैर पसार रहा है। Swine Flu Uttarakhand ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 49 हो गई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस जानलेवा वायरस के कारण अब तक 5 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय राजधानी देहरादून स्वाइन फ्लू का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है। राज्य के कुल 49 मामलों में से अकेले 34 मरीज देहरादून जिले से सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित पाए गए अधिकांश मरीजों की कोई हालिया ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। इसका सीधा मतलब यह है कि वायरस अब स्थानीय स्तर पर ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रहा है जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता को दोगुना कर दिया है।

स्वाइन फ्लू के कारण दम तोड़ने वाले सभी 5 मरीजों के डेटा का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि वे सभी ‘को-मॉर्बिडिटी’ से पीड़ित थे। डॉक्टरों के मुताबिक, डायबिटीज, किडनी की बीमारी, या कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों पर यह वायरस बहुत घातक असर कर रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती 40 मरीजों में से 27 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि शेष मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में सख्त निगरानी के बीच इलाज चल रहा है। मामलों की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं: सभी प्रमुख अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड आरक्षित करने को कहा गया है। टेमीफ्लू जैसी जरूरी एंटी-वायरल दवाओं, पीपीई किट, एन-95 मास्क और सैनिटाइजर का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।