दोस्तो एक लो बजट फिल्म की चर्चा देश भर में हो रही है क्योकि सिनेमाघरों से हटने वाली थी फिल्म फिर हुआ ऐसा महा-चमत्कार! 24वें दिन कमाए ₹13 करोड़ कैसे बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी वापसी!₹2 करोड़ के बजट वाली ‘हनुमान अंश’ ने कैसे बदला बॉक्स ऑफिस गणित। दोस्तो बॉक्स ऑफिस की भविष्यवाणी करने वाले बड़े-बड़े ट्रेड पंडितों, समीक्षकों और फिल्म इंडस्ट्री के मठाधीशों का अहंकार आज मिट्टी में मिल चुका है! सिनेमा के सौ साल से ज्यादा के इतिहास में आपने फिल्मों को पहले दिन छप्पर फाड़ कमाई करते देखा होगा, फिर मंडे टेस्ट में फुस्स होते देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी अपनी जिंदगी में सुना है कि कोई फिल्म रिलीज के पहले दिन महज 10 लाख रुपये कमाए, दो हफ्ते तक थिएटर्स में मक्खियां उड़े, मेकर्स उसे थिएटर्स से हटाने की तैयारी कर लें और अचानक 24वें दिन वो फिल्म अकेले ₹13 करोड़ बटोर ले जाए? जी हां! दोस्तो अपनी ओपनिंग डे की कमाई से 128 गुना ज्यादा की छलांग! बाबा नीम करोली के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर वो साक्षात चमत्कार कर दिखाया है, जिसे देखकर पूरी फिल्म इंडस्ट्री दांतों तले उंगलियां दबा रही है! अगले कुछ मिनट में देखइए, फ्लॉप से महा-ब्लॉकबस्टर बनने की ये रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।
दोस्तो 7 अगस्त 2026। यह वो तारीख थी जब देश भर के सिनेमाघरों में ‘हनुमान अंश’ बिना किसी तामझाम के रिलीज हुई। इस फिल्म के पास न तो कोई 100 करोड़ फीस लेने वाला सुपरस्टार था, न ही किसी बड़े कॉर्पोरेट हाउस का हाथ और न ही करोड़ों का पीआर (PR) बजट। नतीजा क्या हुआ? पहले दिन फिल्म ने देश भर से मात्र ₹10 लाख कमाए। शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म ने सिर्फ ₹1.48 करोड़ का बेहद सुस्त और दम तोड़ता हुआ बिजनेस किया। दिल्ली से लेकर मुंबई तक के थिएटर्स मालिक घाटे के कारण शोज कैंसिल कर रहे थे। ट्रेड पंडितों ने इस फिल्म पर ‘डिजास्टर’ और ‘फ्लॉप’ का ठप्पा लगा दिया था और मेकर्स इसे पूरी तरह से थिएटर्स से हटाकर ओटीटी पर बेचने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन वो भूल गए थे कि इस फिल्म की पटकथा इंसानों ने नहीं, बल्कि कैंची धाम की अदृश्य शक्तियों ने लिखी है! दोस्तो जब इंसान हार मान लेता है, तब कुदरत का खेल शुरू होता है। तीसरे हफ्ते की शुरुआत यानी 17वें दिन से हवा का रुख बदलना शुरू हुआ। फिल्म देखने गए मुट्ठी भर लोगों ने जब बाहर आकर इसके कंटेंट, इसकी सादगी और बाबा के चमत्कारों की तारीफ की, तो सोशल मीडिया पर आस्था की ऐसी सुनामी आई जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया। बिना किसी पेड-प्रमोशन के, आम जनता इस फिल्म की पीआर (PR) एजेंसी बन गई। इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब पर भक्तों ने फिल्म के दृश्यों और भजनों को शेयर करना शुरू किया।
नतीजा यह हुआ कि जहां बड़ी-बड़ी फिल्में तीसरे हफ्ते में दम तोड़ देती हैं, वहां ‘हनुमान अंश’ के शोज की संख्या मांग के कारण रातों-रात दोगुनी और तिगुनी कर दी गई। जो स्क्रीन्स बड़े बजट की फिल्मों के पास थीं, वे जबरन खाली कराकर इस फिल्म को दी जाने लगीं। और फिर आया वो ऐतिहासिक 24वां दिन, यानी चौथा रविवार। इतिहास गवाह है कि किसी भी फिल्म के लिए चौथे हफ्ते में करोड़ रुपये कमाना भी ख्वाब जैसा होता है। लेकिन ‘हनुमान अंश’ ने चौथे रविवार को अकेले ₹12.75 करोड़ (करीब ₹13 करोड़) का सिंगल-डे कलेक्शन कर सिनेमा के इतिहास को ही बदल कर रख दिया! पहले दिन की कमाई के मुकाबले 128 गुना (यानी 12,600% से ज्यादा) की ऐतिहासिक ग्रोथ! दोस्तो ये भारतीय सिनेमा के इतिहास का पहला ऐसा वाकया है जहां किसी फिल्म ने अपने चौथे हफ्ते में पहले हफ्ते से ज्यादा की कमाई की है। ट्रेड एक्सपर्ट्स इस आंकड़े को देखकर स्तब्ध हैं। यह कलेक्शन बॉलीवुड के इतिहास में चौथे संडे का तीसरा सबसे बड़ा कलेक्शन बन चुका है, जिसने कई बड़ी ब्लॉकबस्टर्स को पीछे छोड़ दिया है। दोस्तो अब जरा इस फिल्म के बिजनेस मॉडल को समझिए, जिसने कॉर्पोरेट प्रोडक्शन हाउसेस के होश उड़ा दिए हैं। इस पूरी फिल्म का मेकिंग बजट मात्र ₹2 करोड़ है। और इस छोटे से बजट की फिल्म ने अब तक बॉक्स ऑफिस पर ₹40.13 करोड़ का नेट और ₹47.33 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है! यानी अपनी लागत से 20 गुना से भी ज्यादा का शुद्ध मुनाफा! दोस्तो निर्देशक विशाल चतुर्वेदी का कहना है कि उन्होंने अब बॉक्स ऑफिस नंबर गिनना छोड़ दिया है, क्योंकि यह कोई इंसानी गणित नहीं, बल्कि बाबा नीम करोली का साक्षात आशीर्वाद है। इस फिल्म ने साबित कर दिया है कि भारतीय दर्शकों को अब महंगे वीएफएक्स और खोखली कहानियों की जरूरत नहीं है; अगर नियत साफ हो और कहानी में सनातन की खुशबू हो, तो बॉक्स ऑफिस खुद-ब-खुद नतमस्तक हो जाता है।”