दोस्तो सोचिए, आप जमीन से सैकड़ों फीट नीचे एक संकरी सुरंग में हैं। अचानक एक तेज गड़गड़ाहट होती है और लाखों टन मलबा आपकी सुरंग का दरवाजा हमेशा के लिए बंद कर देता है। Nepal Flash Flood Rescue Operation पानी लगातार बढ़ रहा है और ऑक्सीजन खत्म हो रही है। क्या आप बच पाएंगे? नेपाल के रसुवा में 350 मजदूरों के साथ यही हुआ, और फिर जो हुआ, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है! कुदरत के कहर के आगे इंसान भले बेबस हो, लेकिन जाबांजों की हिम्मत सब पर भारी पड़ती है। नेपाल टनल हादसे में बहे शख्स को सुरक्षित बचाने वाली रेस्क्यू टीम को दिल से सलाम! दोस्तो नेपाल की भोटे कोशी नदी में आए उफान ने रसुवा के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को अपनी चपेट में ले लिया। पल भर में टनल का रास्ता मलबे से ब्लॉक हो गया। अंदर फंसे 350 से ज्यादा मजदूरों के पास न तो रोशनी थी और न ही बाहर निकलने का कोई रास्ता। वक्त रेत की तरह फिसल रहा था और टनल के अंदर घुटती सांसों के बीच सिर्फ मौ’त का सन्नाटा था। तभी ग्राउंड जीरो पर एंट्री होती है नेपाली सेना और भारतीय सेना के जांबाजों की। मौसम इतना खराब था कि हेलिकॉप्टरों का उड़ना नामुमकिन था। लेकिन जवानों ने हार नहीं मानी। उन्होंने पहाड़ों के बीच भारी मलबे के ऊपर ‘ज़िप लाइंस’ और रस्सियों का एक ऐसा जाल बुना, जिसे देखकर हॉलीवुड के स्टंटमैन भी हैरान रह जाएं। उफनती लहरों के ठीक ऊपर से गुजरते हुए सैनिक टनल के मुहाने तक पहुंचे।
दोस्तो जवानों ने अपनी जान दांव पर लगाकर, कीचड़ और पत्थरों को नंगे हाथों से हटाना शुरू किया। टनल के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाए गए। एक-एक कर, बेहद सावधानी से सभी 350 मजदूरों को सुरक्षित बाहर खींचा गया। जब आखिरी मजदूर बाहर आया, तो उसकी आंखों में आंसू थे और जुबान पर सिर्फ एक ही शब्द था—’अगर आज सेना न होती, तो हम सब जिंदा दफन हो चुके होते’। दोस्तो यह रेस्क्यू ऑपरेशन इतिहास के सबसे कठिन और कामयाब अंडरग्राउंड ऑपरेशन्स में गिना जाएगा। सलाम है सेना के इस शौर्य को। दोस्तो, नेपाल की इस आपदा ने एक बार फिर दिखा दिया कि कुदरत के सामने इंसान बेबस जरूर हो सकता है, लेकिन हिम्मत कभी नहीं हारता। सैकड़ों मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए रेस्क्यू टीम ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वो काबिले-तारीफ है। मुश्किल हालात, उफनती नदी और मलबे के बीच चलाया गया ये ऑपरेशन कई जिंदगियों के लिए उम्मीद बन गया।ऐसे जांबाजों को सलाम, जो अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने में जुटे रहे।आप भी बताइए, इन रेस्क्यू हीरोज के साहस को आप कितने नंबर देंगे?