गजब! रील बनी वजह? BJP ने हटाया! | Tehri | Manika Rana | BJYM | BJP | Jantarmantar | Uttarakhand News

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दोस्तो, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में शामिल होना एक भाजपा नेत्री को भारी पड़ गया। आंदोलन में पहुंचीं। रील बनाई और अब पार्टी ने उन्हें उनके पद से हटा दिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पद जाने के बाद मणिका राणा ने साफ कह दिया—”मेरे लिए किसी भी संगठन से बड़ा सत्य का साथ देना है।” आखिर बीजेपी ने यह सख्त फैसला क्यों लिया? क्या यह सिर्फ अनुशासन का मामला है या फिर पार्टी लाइन से अलग जाने की सजा? देखिए इस रिपोर्ट में। दोस्तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में शामिल होने पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई टिहरी मंडल अध्यक्ष मणिका राणा को पद से हटा दिया गया है। मणिका ने मौके से रील बनाकर भी वायरल की थी, जिस पर पार्टी ने नाराजगी दर्ज कर उन्हें पद से मुक्त कर दिया है। इस बीच मणिका राणा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन से ऊपर सत्य का साथ देना उनके लिए सर्वोपरि है। दोस्तो यहां आपको बता दूं कि, मणिका राणा ने पहले ABVP को ज्वाइन किया था। साल 2022 से मणिका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश स्तर पर विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करती आ रही थी, इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हुई और पार्टी ने नई टिहरी विधानसभा के अंतर्गत मणिका को भारतीय जनता युवा मोर्चा में मंडल अध्यक्ष बनाया था। दोस्तो बीते दिनों पेपर लीक को लेकर हुए दिल्ली के जंतर-मंतर बड़े प्रदर्शन में मणिका राणा बी शामिल हुई। आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिय मणिका राणा जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में शामिल हुईं, बल्कि उनकी कई रील भी चर्चा में रही, ये ही बात बीजेपी को अखर गई लेकिन दोस्तो इधर मणिका राणा कहती है कि उन्होंने आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उन परिवारों की आवाज बनने का प्रयास किया, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। आंदोलन की प्रमुख मांगें पूरी हुईं, जो लोकतंत्र की जीत है। मणिका ने कहा कि सरकार ने देर से ही सही, लेकिन सही निर्णय लिया और इसके लिए वह सरकार की सराहना करती हैं।

दोस्तो मणिका राना साफ साफ ये भी कह दिया कि सत्य के पक्ष में खड़े होने के कारण यदि उन्हें किसी पद या संगठनात्मक जिम्मेदारी से हाथ धोना पड़े, तो भी वह पीछे नहीं हटेंगी…दोस्तो जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में जाकर मणिका राणा ने रील भी बनाई थी, जिस पर पार्टी ने सख्त कदम उठाया है। भाजयुमो टिहरी के जिलाध्यक्ष मनीष राणा ने मणिका राणा को पार्टी विरोधी गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों में उदासीनता का आरोप लगाते हुए नई टिहरी मंडल अध्यक्ष पद से हटाया था। उनके स्थान पर शुभम नेगी को नया मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। दोस्तो, जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन में शामिल होने के बाद मणिका राणा का मंडल अध्यक्ष पद जाना अब उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर भाजपा इसे संगठनात्मक अनुशासन का मामला बता रही है, तो दूसरी ओर मणिका राणा का कहना है कि उनके लिए किसी भी पद से ऊपर सत्य और छात्रों के पक्ष में खड़ा होना है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है, या फिर जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखना भी उतना ही जरूरी है? फिलहाल मणिका राणा को पद से हटाकर शुभम नेगी को नई जिम्मेदारी दे दी गई है, लेकिन इस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस अभी थमती नजर नहीं आ रही। आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।