Badrinath Donationcase चंदा चोर हुआ लापता! | Pramod Nautiyal | BKTC | HC | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो बद्रीनाथ चंदा चोरी मामले में अब तक सबसे बड़ी सनसनिखेज खबर आ रही है,कैसे चंदा चोरी के मामले में आरोपों से घिरे बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत्र द्विवेदी के पीए अब फरार बताया जा रहा है और ना कोई नोकेशन मिल रही है क्योंकि फोन भी स्विच ऑप। इस लिए चर्चाएं हैं कि मामले में नाम सामने आने के बाद प्रमोद नौटियाल से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रमोद नौटियाल कहां हैं? क्या वे जांच एजेंसियों के संपर्क में हैं, या फिर उनकी तलाश की जा रही है? दोस्तो बड़ी हैरान कर देने वाली खबर है ये, बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला अब एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। जिस प्रकरण ने पूरे उत्तराखंड में हलचल मचा दी है, उसमें अब एक और बड़ा सवाल सामने खड़ा हो चुका है कि प्रमोद नोटियाल नाम का चंदा चोर कहां गया। दोस्तो उधर, बदरी-केदार मंदिर समिति पहले ही प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर चुकी है और उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। अब हर किसी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या खुलासा होगा, क्या इस मामले में और नाम सामने आएंगे, और कथित चढ़ावा हेराफेरी की पूरी सच्चाई कब सामने आएगी? दोस्तो इन दिनों उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। सरकार ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है।

वहीं चढ़ावे की कथित हेराफेरी और गबन के मामले में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रमोद नौटियाल गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण में जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही अदालत में किसी याचिका की जानकारी सामने आई है। इधर दोस्तो इस बीच पुलिस और शासन द्वारा गठित जांच समिति दोनों स्तरों पर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की गहन पड़ताल कर रही है, जबकि जांच समिति दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ी किन-किन मामलों में हुई और कितनी वित्तीय अनियमितता सामने आती है। दोस्तो चौकाने वाली बात ये कि खुद बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ये मान रहे हैं कि प्रोमद नौटियाल गायब है वो कहते हैं कि निलंबन के बाद से प्रमोद नौटियाल से संपर्क नहीं हो पा रहा है, वे कार्यालय नहीं आ रहे हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ है। प्रमोद नौटियाल ने अवकाश का आवेदन दिया था, लेकिन उसे स्वीकृत नहीं किया गया था। इधर दोस्तो धर, पुलिस भी प्रमोद नौटियाल के संभावित ठिकानों और उनसे जुड़े लोगों से जानकारी जुटा रही है. यदि आरोपी अदालत से अग्रिम राहत नहीं लेता है तो पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

वहीं, हाईकोर्ट में याचिका दायर होती है या नहीं और पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। दोस्तो यहां आपको बता दूं कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का कथित आरोप हिंदूवादी संगठन ‘भैरव सेना’ ने लगाया था। भैरव सेना ने मंदिर समिति के कर्मचारियों पर चढ़ावे की गिनती में पैसों की हेराफेरी का आरोप लगाया था। मामले में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया। साथ ही गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। चढ़ावा चोरी के कथित आरोप के बाद दान और चढ़ावे वाले स्थान के सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए गए। वहीं इस पूरे मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है, लेकिन दोस्तो बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला अब सिर्फ एक वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा सवाल बन चुका है। ऐसे में यदि मामले का प्रमुख आरोपी बताया जा रहा व्यक्ति जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर है और उसका मोबाइल भी बंद है, तो स्वाभाविक तौर पर कई सवाल खड़े होते हैं हालांकि, यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि किसी व्यक्ति के फरार होने या लापता होने की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एजेंसी या पुलिस द्वारा ही की जा सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस कब तक उसे तलाश कर जांच को आगे बढ़ाती है, इस कथित चढ़ावा हेराफेरी की परतें और कितनी खुलती हैं, और क्या इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है। फिलहाल, बद्रीनाथ धाम से जुड़े इस चर्चित मामले की हर बड़ी अपडेट पर हमारी नजर बनी हुई है।