दोस्तो अपने उत्तराखंड में बड़ा गजब हाल, शराब तस्करी पर ऐसा फूटा महिलाओँ और स्थानीय लोगों का गुस्सा कि लोगों ने अपनी मित्र पुलिस को ऑन दी स्पॉट लपेट लिया। कैसे पुलिस पर लगे शराब माफिया से मित्रता के आरोप तो पुलिस ने अपने बचाव में उठाय ऐसा कदम कि रातों रात तोड़़ डाले CCTV कैमरे। दोस्तो रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ से सामने आई एक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव की महिलाओं और स्थानीय लोगों ने खुलेआम शराब तस्करी के खिलाफ मोर्चा खोला तो एक एक तक सारी-सारी की शराब तस्करी की पोल खुलने लगी। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी क्षेत्र के तालजमाण गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्थानीय ग्रामीण पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा कर रहे हैं कि गांव में पुलिस संरक्षण में शराब की तस्करी की जा रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। जी हां दोस्तो गुप्तकाशी क्षेत्र में पुलिस संरक्षण में शराब तस्करी, ग्रामीणों ने पकड़ी उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुप्तकाशी के क्षेत्र के तालजमाण गांव का यह वीडियो है, जो सोशल मीडिया में बहुत तेजी से आज वायरल है, स्थानीय ग्रामीण पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं कि उनके संरक्षण में गांव में शराब की तस्करी हो रही है, जिससे गांव का वातावरण खराब हो रहा है। आप देख व सुन सकते हैं कि लोग बहुत मुखर होकर बोल रहे हैं और गुस्से में हैं। यही नहीं लोगों ने बैग में भरी शराब बाहर निकाल कर सड़क पर बिखेर दी और नष्ट कर दी। सरकार को मामले का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। ऐसे तो पहाड़ के गांव बर्बाद हो जाएंगे। स्थानीय लोगों के आरोपों की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।
वहीं दोस्तो अब हैरानी इस बात से है कि जब पुलिस कर्मी ही तस्वकरी में लिप्त हैं तो फिर कहना है क्या, यहां चौकिदार ही चोर निकाल बल लेकिन चौकाने वाली खबर तो अब आने वाली है वो कि दोस्तो केदार घाटी के ऊखीमठ क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर लगे CCTV कैमरों के क्षतिग्रस्त होने की घटना ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा की और गुस्से के साथ सवाल तमाम हैं। व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि ये कार्य उत्तराखंड पुलिस के जवानों द्वारा किया गया है। दोस्तो इसी वीडियो पर क्षेत्र के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि घटना में कथित रूप से पुलिसकर्मियों की भूमिका है। कुछ स्थानीय नागरिकों का यह भी दावा है कि यह हरकत क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को छिपाने के लिए की गई है। क्षेत्र में पुलिस द्वारा की जा रही अवैध शराब की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर भी वीडियो सामने आ रहे हैं। इसके बाद रात को CCTV कैमरे को तोड़े जाने की घटना ने लोगों में पुलिस को लेकर गुस्सा और बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल विडियो के अनुसार, ऊखीमठ स्थित एक मेडिकल स्टोर, जिसकी संचालिका प्रियंका राणा हैं, वहां के CCTV कैमरे कथित पुलिस जवान द्वारा क्षतिग्रस्त किये गए। बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क की निगरानी करने वाले कई कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया।
दोस्तो यहां एक बात और गौर करने वाली हैं कि क्षेत्र में विशेष रूप से महिलाएं नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही हैं, रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) वर्तमान में निहारिका तोमर (IPS) और सिटिंग MLA आशा नौटियाल दोनों महिलाएं हैं। विधायक आशा नौटियाल के क्षेत्र में, या कहें नाक के नीचे रुद्रप्रयाग पुलिस के जवानों द्वारा अवैध शराब की ब्लैक मार्केटिंग और रात को CCTV कैमरे क्षतिग्रस्त की घटनाओं ने दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दोस्तो केदार घाटी के विभिन्न गांवों में पिछले कुछ समय से महिलाएं नशे और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। कल की ये दोनों घटनाएं अवैध शराब के कारोबार में उत्तराखंड पुलिस की संलिप्तता पर मोहर लगा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस के इन कारनामों का जवाब और कारण पुलिस और प्रशासन को देना होगा नहीं तो क्षेत्र के लोग आन्दोलन करने को बाध्य होंगे।