PM के ड्रीम प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा टला! | Lakhwar Dam | Hydropower | Landslide | Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच राज्य की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं में शामिल लखवाड़ परियोजना से सामने आई तस्वीरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस परियोजना को प्रदेश के विकास की बड़ी उम्मीद माना जा रहा है, वहां एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कैसे टला लखवाड़ परियोजना में बड़ा हादसा और लोगों ने क्यों कहा ‘और करो PM के हुक्म की तामील’ किसकी लापरवाही बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो मै जिस परियोजना पर मंडरा रहे बड़े खतरे के बारे में बताने जा रहा हूं। दोस्तो ये परियोजना लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में गिनी जाती रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना भी उतना ही जरूरी है। वहीं दोस्तो 300 मेगावाट की लखवाड़ जल विद्युत परियोजना, ब्लास्ट से थरथरा रहे पहाड़ साथ ही यमुना नदी मे डाला जा रहा भारी मलबा, मलबे से नदी को कर दिया गया संकरा। पर्यावरण को पहुँच रहा भारी नुकसान दोस्तो लंबे समय से हो रही ब्लासटिंग से पहाड़ो की आंतरिक संरचना हो रही कमजोरदोस्तो निर्माणाधीन 300 मेगावाट लखवाड़ जल विद्युत परियोजना में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच परियोजना स्थल पर मलबा हटाने के दौरान ऊपर से पत्थर गिरने लगे। समय रहते मशीन ऑपरेटर के मशीन से कूद जाने के कारण उसकी जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारी बारिश के चलते परियोजना क्षेत्र में लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे थे। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन के निर्देश पर एक मशीन को मलबा हटाने के लिए लगाया गया। जैसे ही ऑपरेटर ने काम शुरू किया, पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। खतरा भांपते हुए ऑपरेटर ने तुरंत मशीन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक कर्मचारी यह कहते हुए सुनाई दे रहा है, “और करो पी.एम. के हुक्म की तामील।” घटना के बाद परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि जब मौसम विभाग पहले ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में भारी बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी कर चुका था, तब ऐसे जोखिमपूर्ण हालात में कार्य कराना कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही हो सकती है। दोस्तो फिलहाल इस मामले में परियोजना का कार्य देख रही कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कंपनी का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी, तो देखा आपने। उत्तराखंड में एक तरफ लगातार बारिश कहर बरपा रही है, वहीं दूसरी तरफ बड़ी निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लखवाड़ जल विद्युत परियोजना में समय रहते मशीन ऑपरेटर ने सूझबूझ दिखाई, इसलिए एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन सवाल यह है कि जब मौसम विभाग पहले ही भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर लगातार चेतावनी दे चुका था, तब ऐसे हालात में काम क्यों जारी रखा गया? वायरल वीडियो में सुनाई दे रही टिप्पणी भी अब चर्चा का विषय बनी हुई है, हालांकि उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, घटना के बाद कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या इस पूरे घटनाक्रम की जांच होगी, सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता कर्मचारियों की सुरक्षा और परियोजना स्थल पर जोखिम को कम करना है। जैसे ही इस मामले में कंपनी या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आएगा, हम वह जानकारी भी सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।