दोस्तो क्या बद्रीनाथ धाम का चढ़ावा चोरी मामला अब पूरी तरह सियासी अखाड़ा बन गया है? क्या आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि जवाबदेही बन बैठा है और आखिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने BKTC अध्यक्ष और सरकार पर इतने तीखे आरोप क्यों लगाए? बताउँगा आपको उत्तराखंड में कैसे बद्रीनाथ चंदा चोरी मामले में सरकार बीजेपी बीकेटीसी और कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। दोस्तो बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का मामला अब नया राजनीतिक मोड़ ले चुका है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता में BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए पलटवार किया। गोदियाल का आरोप है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। उन्होंने मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर भी कई सवाल खड़े किए, लेकिन उन सबसे ज्यादा ये दो कुर्सियां चर्चा में रही हैं। जी हां दोस्तो बद्रीनाथ में चंदा चोरी का मामला अब एक बड़ा चैलैंजिंग इस्यू बन चुका है और उसकी बानगी इन दो कुर्सियों में देख सकते हैं। दोस्तो एक पर नाम है गणेश गोदियाल और दूसरी पर लिखा है हेमंत द्विवेदी। दोस्तो इसका मतलब ये कि एक बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल और एक मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी कुछ ही देर में गणेश गोदियाल तो आकर बैठते हैं लेकिन हेमंत द्विवेदी नहीं आते और कुर्सी खाली रह जाती है। लेकिन दोस्तो इससे पहले बीकेटिसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने क्या कहा और गोदियाल को कैसे चैलेंज किया। लेकिन दोस्तो ऐसा लगता है कि गोदियाल और हेमंत द्विवेदी आमने सामने हैं। इतना कुछ होने के बाद जब गोदियाल ने प्रेस कॉंफ्रेंस की तो उन्हों ना सिर्फ हेमंत द्विवेदी के इस्तीफे की मांग की बल्कि सरकार को भी इस पूर घटनाक्रम में लपेट लिया।
दोस्तो गोदियाल ने चैलैंज को स्वीकारते हुए ये कह दिया कि प्रमोद नौटियाल की ड्यूटी उनके कार्यकाल में बिल्कुल नहीं थी, जबकि उनकी नियुक्ति 2003 में हुई. उनके खिलाफ जांच हुई तो जांच रिपोर्ट कहां है? और अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सभी का जवाब सरकार को देना चाहिए. सरकार, बीकेटीसी के लोगों को बचाना चाहती है. यही वजह है कि पहले भी इस बात को कहा था कि नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में विधानसभा में एक जांच कमेटी बननी चाहिए। दोस्तो, बद्रीनाथ धाम का चढ़ावा चोरी मामला अब सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि सियासी टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ एसआईटी की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी है, तो दूसरी ओर आरोप-प्रत्यारोप और जवाबदेही की मांग तेज होती जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि जांच आखिर किस नतीजे तक पहुंचती है और क्या सभी सवालों के जवाब सामने आ पाते हैं।