Badrinath Donation Theft की CCTV फुटेज क्यों गायब? | BKTC | Pramod Nautiya | Uttarakhand News

Spread the love

दोस्तो एक बड़ी खबर बदरीनाथ से आ रही है, जहां चढावा चोरी मामले की एक तरफ जांच, गिरफ्तारी हो रही है, लेकिन ऊधर एक खबर ऐसी आई जिसने चोरी शंका पर और की बड़े सवाल कर दिए आखिर ये क्यों कहा जा रहा है कि चंदा चोरी की जांच के ठीक बीच मंदिर के सीसीटीवी फुटेज गायब हो गए। अब ये पूछा जा रहा है कि बद्रीनाथ धाम की 32 दिन की CCTV फुटेज कहां गई? क्या यह सिर्फ एक तकनीकी चूक है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी वजह छिपी है? कैसे चढ़ावा चोरी की गुत्थी सुलझने से पहले ही सबसे अहम सबूत सवालों के घेरे में आ गया है? बताउंगा आपको। दोस्तो उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मै आपको उस हड़कंप मचाने वाले मोड के बारे में बताउँ उससे पहले एक सीसीटीवी फुटेज आपको दिखा रहा हूं। दोस्तो राम मंदिर और बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद यह गुजरात के अंबाजी मंदिर की तस्वीरें हैं। इसमें चढ़ावे की गणना के दौरान एक कर्मी नोटों की गड्डी छिपा रहा है। लेकिन इधर बात बदरीनाथ मंदिर चंदा चोरी की बात करूं तो विभागीय जांच पूरी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल मंदिर परिसर की 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज के गायब होने को लेकर उठ रहा है। जबकि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पहले दावा किया था कि उसके पास 45 दिनों की CCTV रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। जांच के दौरान टीम को केवल 13 दिन की फुटेज ही उपलब्ध हो सकी, जिससे मामले को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

दोस्तो, विभागीय जांच के दौरान उपलब्ध 13 दिन की CCTV फुटेज के परीक्षण में कथित तौर पर यह सामने आया कि दान-चढ़ावे की गणना के दौरान 500-500 रुपये के नोटों के बंडल और सोने-चांदी के उपहार मंदिर परिसर से बाहर ले जाए गए। जांच में आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल कथित रूप से पांच दिनों के भीतर आठ अलग-अलग अवसरों पर दान-चढ़ावे में हेराफेरी करते हुए दिखाई दिए। यही फुटेज विभागीय जांच का महत्वपूर्ण आधार बनी है। मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि, जब मंदिर समिति ने 45 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित होने की बात कही थी, तो जांच टीम को केवल 13 दिन की फुटेज ही क्यों मिली। दोस्तो गायब 32 दिनों की रिकॉर्डिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या तकनीकी कारणों से रिकॉर्डिंग हट गई या फिर इसे जानबूझकर मिटाया गया। हालांकि, अभी तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। दोस्तो मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों से संपर्क किया है। अधिकारियों के अनुसार, विशेषज्ञ डिजिटल रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डेटा स्वतः हट गया या उसे पुनर्प्राप्त (रिकवर) किया जा सकता है।

दोस्तो सूत्रों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि फुटेज जानबूझकर हटाई गई है, तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है..विशेष जांच दल (SIT) ने मंदिर में दान-चढ़ावे की गणना के दौरान मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों की पहचान कर ली है। इसके अलावा लगभग एक दर्जन अन्य लोग, जिनमें कुछ श्रद्धालु और साधु-संत भी शामिल बताए जा रहे हैं, जांच के दायरे में हैं। मंदिर समिति ने एसआईटी को मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, जिनका अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही विभागीय जांच रिपोर्ट भी मंगाई गई है ताकि दोनों जांचों के तथ्यों का मिलान किया जा सके। दोस्तो इधर एसआईटी घटना के बाद आरोपित प्रमोद नौटियाल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। उनके बदरीनाथ स्थित आवास और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जांच एजेंसी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में भी जुटी हुई है। वहीं दोस्तो बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि, सीसीटीवी डेटा जानबूझकर डिलीट किए जाने की बात फिलहाल सही नहीं कही जा सकती। उनके अनुसार तकनीकी विशेषज्ञों की राय है कि मई-जून के दौरान यात्रा सीजन में कैमरों के सामने अत्यधिक गतिविधियां रिकॉर्ड होने के कारण स्टोरेज भरने से पुराना डेटा स्वतः ओवरराइट हो गया हो। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का मामला अब सिर्फ आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गया है। अब इस प्रकरण में 32 दिन की कथित CCTV फुटेज उपलब्ध न होने को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष और विभिन्न पक्ष इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे कर रहे हैं, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या CCTV फुटेज वास्तव में उपलब्ध नहीं है, या उसके गायब होने के पीछे कोई वजह है? क्या जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल करेंगी? और क्या इस पूरे विवाद से जुड़े सभी तथ्यों का सच जनता के सामने आएगा?