Badrinath चढ़ावा केस में बड़ा खुलासा! | Badrinathcase | Donationcase | SIT | Uttarakhand News

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दोस्तो, क्या बदरीनाथ धाम के चढ़ावे की चोरी की गुत्थी अब सुलझने वाली है? आखिर उस 18 पन्नों की रिपोर्ट में ऐसा क्या दर्ज है, जिसने जांच को नए मोड़ पर ला दिया? क्या CCTV फुटेज में चोरी की पूरी कहानी कैद है? और अब किन-किन लोगों से पूछताछ की तैयारी है? दोस्तो, बदरीनाथ धाम के बहुचर्चित चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस के कब्जे में CCTV फुटेज के साथ 18 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट भी पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अब संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या CCTV और रिपोर्ट इस पूरे मामले का सच सामने लाएंगे, या फिर जांच में अभी और बड़े खुलासे बाकी हैं? मै आपको पुलिस के हाथ लगी पूरी रिपोर्ट की बात करुं उससे पहले आपको वो खबर दिखाता हूं। जिससे ऐसा लगा कि इस पूरे मामले को सियासी मुद्दा बनाया जा रहा है थोड़ा गौर कीजिएगा, दोस्तो क्या अब उत्तराखंड के सबसे पवित्र धाम भी सियासत का अखाड़ा बनते जा रहे हैं? क्या जिस बद्रीनाथ धाम से आस्था, अध्यात्म और धर्म का संदेश पूरी दुनिया तक जाना चाहिए, वहां अब राजनीतिक चुनौती और बयानबाज़ी होगी? आखिर ऐसा क्यों कि प्रेस क्लब में बहस का मौका छोड़ने के बाद अब मंदिर परिसर में बहस की चुनौती दी जा रही है? और अगर किसी पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि साढ़े नौ साल से सत्ता में बैठी सरकार ने अब तक जांच क्यों नहीं कराई? क्या आरोप सिर्फ राजनीतिक बयान हैं या इनके पीछे कोई ठोस तथ्य भी हैं? बद्रीनाथ धाम को लेकर छिड़े इस नए सियासी संग्राम में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अब देखना होगा कि यह लड़ाई तथ्यों से लड़ी जाएगी या फिर आस्था के सबसे बड़े केंद्र को भी राजनीति का मंच बनाया जाएगा, क्योंकि बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी कह ही कुछ ऐसा रहे हैं।

दोस्तो उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के मामले की जांच अहम चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने मंदिर समिति से मिली 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट और विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब एसआईटी इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। दोस्तो अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को जांच के दौरान 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई गई है। फुटेज की जांच में कुछ ऐसे लोग दिखाई दिए हैं जिन्हें संदिग्ध मानते हुए उनकी पहचान कर ली गई है। अब SIT इन लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि उनका मामले से कोई संबंध है या नहीं। दोस्तो बदरीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि

जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट पुलिस के कब्जे में सुरक्षित हैं। साथ ही दोस्तो पुलिस ये भी कह रही है कि फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है और मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित चढ़ावा हेराफेरी में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि दान राशि और अन्य चढ़ावे में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत थी। वहीं दोस्तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि समिति ने अपनी 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट सहित सभी उपलब्ध साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।