जी हां दोस्तो एक तरफ राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा, दूसरी तरफ बीजेपी का सियासी पलटवार। देहरादून की सड़कों पर नारे गूंजे, हाथों में तख्तियां दिखीं और महिला मोर्चा ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा ऐसा खोला खोला कि पुलिस वाले भी पसीना-पसीना हो गए। आखिर राहुल के देहरादून पहुंचने से पहले ऐसा क्या हुआ कि बीजेपी की महिला कार्यकर्ता सड़क पर उतर आईं? एक तरफ दोस्तो राहुल गांधी सीधे छात्रों से संवाद करने के लिए आगे बढ रही रहे थे तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी महिला मोर्चा ने राहुल के आगमन पर ऐसा मोर्चा खोला की। हंगामा ही हंगामा था, क्यों था वो बाद में बताउंगा लेकिन उससे पहले आप राहुल गांधी के दौरे के विऱोद की ये तस्वीर देखिए। इधर दोस्तो सीधे देहरादून पहुंचते ही राहुल गांधी का संवेदनशील कदम! दिवंगत कांग्रेस कार्यकर्ता के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। तो दोस्तो ये तस्वीर राहुल गांधी के दोरे की शुरुआत की दिखाई दी। लेकिन दोस्तो राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे के बीच बीजेपी महिला मोर्चा ने उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा ने कांग्रेस पर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जब संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात आई, तब कांग्रेस ने उसका समर्थन नहीं किया। इसी मुद्दे को लेकर महिला मोर्चा ने राहुल गांधी के दौरे का विरोध करते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। तो दोस्तो, राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले ही सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। एक तरफ कांग्रेस छात्रों के बीच राहुल गांधी के संवाद को बड़ा कार्यक्रम बता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी महिला मोर्चा इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे से जोड़ते हुए सड़क पर उतरकर विरोध जता रहा है।
इन तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रही हैं और राहुल गांधी से जवाब मांग रही हैं। चुनावी माहौल में ऐसे विरोध-प्रदर्शन साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत और ज्यादा गर्माने वाली है। अब देखना होगा कि बीजेपी के इन आरोपों पर कांग्रेस किस तरह पलटवार करती है और राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान इन मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन दोस्तो उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में अब हर बड़ा दौरा और हर विरोध प्रदर्शन चुनावी रणनीति का हिस्सा बनता नजर आ रहा है। राहुल गांधी के दौरे को कांग्रेस जहां युवाओं और छात्रों से जुड़ने का मौका बना रही है, वहीं बीजेपी इसे महिलाओं के सम्मान और कांग्रेस के पुराने रुख से जोड़कर सियासी जवाबी हमला करने की कोशिश कर रही है। यानी एक तरफ कांग्रेस युवा वोट बैंक को साधने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी महिलाओं और अपने कोर वोटरों के बीच राजनीतिक संदेश देने में जुटी है। आने वाले दिनों में ऐसे मुद्दों पर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होने की पूरी संभावना है। दोस्तो अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी के इस दौरे से कांग्रेस को कितना राजनीतिक फायदा मिलता है, या फिर बीजेपी का यह आक्रामक विरोध चुनावी माहौल में नया नैरेटिव तैयार करने में सफल होता है।