BJP में क्यों आया असंतोष का तूफान?| Dehradun | Chakrata| Khajan Das | CM Dhmai | Uttarakhand News

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दोस्तो, उत्तराखंड BJP में ऐसा क्या हुआ कि जश्न की तैयारी के बीच असंतोष का तूफान खड़ा हो गया? मंत्री के इस्तीफे वाले बयान से लेकर पार्टी दफ्तर में हंगामे तक—आखिर मामला इतना क्यों बिगड़ा?मेज पर पटके और मिठाई धरे रह गए, तो क्या अंदरखाने की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई? और वो कौन सा मुद्दा है, जिसने 60 लोगों को पार्टी दफ्तर से लौटने पर मजबूर कर दिया? दोस्तो अनुशासन का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आज एक ऐसा तमाशा हुआ, जिसने पूरी संगठन की साख को सरेबाज़ार नीलाम कर दिया। मेज पर सजे हुए भाजपा के पटके धरे रह गए, स्वागत की मिठाइयाँ रखी रह गईं, और चकराता से भाजपा की सदस्यता लेने आए 26 परिवारों के 60 लोगों को बिना जॉइनिंग के ही धक्के देकर दफ्तर से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया! और यह सब किसी विपक्ष के दबाव में नहीं, बल्कि सूबे के कैबिनेट मंत्री खजान दास के उस गुस्से के कारण हुआ, जिसमें उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि ‘मैं इस्तीफा दे दूँगा!’ अपनी ही सरकार के मंत्री पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप और फिर भाजपा दफ्तर में यह हाईवोल्टेज ड्रामा। उत्तराखंड की सियासत का सबसे बड़ा गृहयुद्ध शुरू हो चुका है। जिस पर मंत्री जी भी बच रहे है, यह उत्तराखंड भाजपा का वो चेहरा है जिसे पार्टी कभी जनता को नहीं दिखाना चाहती थी! अनुशासन की दुहाई देने वाली दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के मुख्यालय में आज जो हुआ, उसने सबको शर्मसार कर दिया। चकराता के जौनसार क्षेत्र से आए यह वो 60 कार्यकर्ता थे, जो पूरे जोश के साथ भाजपा की रीति-नीति में विश्वास जताते हुए पार्टी का दामन थामने पहुंचे थे। जॉइनिंग की पूरी तैयारी थी, मेज पर भाजपा के भगवा पटके सजे थे, मिठाइयों के डिब्बे खुले थे, लेकिन तभी अचानक एंट्री होती है कैबिनेट मंत्री खजान दास की और पल भर में पूरा माहौल एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो जाता है! लेकिन ऐसा हुआ क्या।

इधर इससे पहले दोस्तो मंत्री खजान दास की नाराजगी उन पर बीजेपी के नेताओं द्वारा ही लगाए हुए आरोप थे, वो भी भ्रष्टाचार के जो बीजेपी की नेत्री मधुचौहान कुछ देर पहले तक मंत्री खजान दास के खिलाफ मोर्चा खोले हुई थी वो तो यहां बात को मामूली और परिवारिक बता गई लेकिन मंत्री खजानदास ने कहर दिया वो अपने पद से इस्तीफा दे देंगे! इधर दोस्तो मंत्री की इस खुली बगावत और गुस्से को देखकर भाजपा दफ्तर में खलबली मच गई। आनन-फानन में प्रदेश आलाकमान के निर्देश पर जॉइनिंग को बीच में ही रोक दिया गया। जिन कार्यकर्ताओं का स्वागत होना था, उन्हें बिना जॉइनिंग के ही अपमानित होकर भाजपा मुख्यालय से बैरंग वापस लौटना पड़ा। दोस्तो आखिर खजान दास के इस भयानक गुस्से और इस्तीफे की धमकी के पीछे की इनसाइड स्टोरी क्या है? दरअसल, इसकी पटकथा रविवार को ही लिख दी गई थी, जब चकराता के इसी गुट ने खजान दास के सरकारी आवास के बाहर जमकर प्रदर्शन किया था। इन कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के मंत्री पर आरोप लगाया था कि अनुसूचित जाति-जनजाति की योजनाओं का 20 प्रतिशत लाभ चकराता में कांग्रेसियों को और विरोधियों को दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार और पक्षपात के इसी संगीन आरोप से तिलमिलाए खजान दास ने आज भाजपा दफ्तर में चुन-चुनकर बदला लिया और उन कार्यकर्ताओं की एंट्री पर ही वीटो लगा दिया। दोस्तो भले ही मधु चौहान इसे परिवार का मामला बताकर इस पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही हों, लेकिन तीर कमान से छूट चुका है। अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं की जॉइनिंग रुकवाकर मंत्री खजान दास अपनी साख बचाने में तो कामयाब रहे, लेकिन मीडिया के कैमरों के सामने जब वो आए, तो उनके तीखे और आक्रामक तेवरों में छिपा गुस्सा साफ नजर आ रहा था। चुनावी साल में भाजपा के भीतर का यह घमासान अब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के लिए गले की हड्डी बन चुका है। एक तरफ वो कार्यकर्ता हैं जो अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मंत्री का बंगला घेर रहे हैं, और दूसरी तरफ वो कैबिनेट मंत्री हैं जो जरा सी नाराजगी पर सीधे इस्तीफे का कार्ड खेल रहे हैं। इस पूरे हाईवोल्टेज ड्रामे ने साबित कर दिया है कि उत्तराखंड भाजपा के भीतर ऑल इज नॉट वेल! अब देखना यह होगा कि इस भारी थू-थू के बाद मुख्यमंत्री और संगठन इस डैमेज को कैसे कंट्रोल करते हैं, या फिर चकराता की यह चिंगारी पूरी सरकार को अपनी चपेट में लेगी!