BJP MLA के कबूलनामे से खलबली! । Tehri । Ghansali । Shaktilal Shah । Uttarakhand News

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क्या उत्तराखंड में अपनी ही सरकार के विधायकों की कोई वैल्यू नहीं बची है? या फिर जनता का अपनी सत्ता से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है? देवभूमि की सियासत से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर आ रही है, जिसने मुख्यमंत्री आवास से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक हड़कंप मचा दिया है! डबल इंजन सरकार के एक कद्दावर विधायक ने कैमरे के सामने एक ऐसा कबूलनामा कर डाला है जिसे सुनकर आप भी सन्न रह जाएंगे। विधायक जी का कहना है कि उनके खुद के गांव वाले उन्हें विधायक का दर्जा ही नहीं देते! आखिर क्यों एक विधायक को जनता के बीच बेगाना होना पड़ा? क्या ये सिस्टम की लाचारी है या फिर कोई गहरा सियासी खेल? आइए, खोलते हैं इस चौंकाने वाले बयान की पूरी कुंडली! दोस्तो जिस पार्टी का सूबे में पूर्ण बहुमत हो, जिसका मुख्यमंत्री पूरे राज्य में विकास के दावे ठोक रहा हो, उसी पार्टी का एक माननीय विधायक सार्वजनिक रूप से अपनी लाचारी बयां करे, तो सवाल उठना लाजिमी है! जी हां, यह चौंकाने वाला मामला टिहरी गढ़वाल की घनसाली सीट से सामने आया है, जहाँ बीजेपी के मौजूदा विधायक शक्तिलाल शाह ने एक कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसा कह दिया, जिसने विपक्ष के हाथों में सरकार को घेरने के लिए एक बहुत बड़ा परमाणु बम थमा दिया है। विधायक का ये बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है और राजनीति के पंडित हैरान हैं। तो सुना आपने अब आपको बताते हैं कि आखिर माननीय विधायक ने ऐसा क्या कहा, जिससे बीजेपी बैकफुट पर आ गई। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शक्तिलाल शाह ने खुलकर कहा—’आज भी हमारे गांव के अंदर जो आत्मीयता एक ग्राम प्रधान के लिए है, वही आत्मीयता मेरे लिए भी है। लेकिन कड़वा सच ये है कि गांव में मुझे लोग विधायक नहीं मानते हैं!’

दोस्तो एक विधायक का यह कहना कि जनता या उनके अपने गांव के लोग ही उन्हें विधायक स्वीकार नहीं करते, विरोधियों के लिए सरकार की साख पर सवाल उठाने का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। दोस्तो बयान पर जैसे ही बवंडर मचा, विधायक जी और उनके समर्थकों की तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तुरंत शुरू हो गईं। विवाद बढ़ता देख शक्तिलाल शाह ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में न लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया—’गांव के लोग मुझे विधायक इसलिए नहीं मानते क्योंकि हमारे बीच भाई-बहन का अटूट और पवित्र प्यार है। वे मुझे एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के एक भाई के रूप में स्वीकार करते हैं।’ दोस्तो विधायक जी भले ही इसे आत्मीयता और पारिवारिक प्रेम का मुखौटा पहना रहे हों, लेकिन राजनीति में शब्दों के तीर एक बार कमान से छूट जाएं, तो वो अपना असर दिखाकर ही रहते हैं। दोस्तो चलिए आपको बताते हैं कि भारी खलबली मचाने वाले शक्तिलाल शाह आखिर हैं कौन। शक्तिलाल शाह उत्तराखंड बीजेपी के एक जमीनी नेता हैं, जिन्होंने, साल 2017 में पहली बार घनसाली की सुरक्षित (SC) सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के धनी लाल शाह को शिकस्त दी। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने दोबारा इसी सीट पर बड़ी जीत हासिल कर विधानसभा का सफर तय किया। दोस्तो वर्तमान में वे क्षेत्र में काफी सक्रिय रहते हैं, लेकिन इस एक बयान ने उनकी अब तक की पूरी सियासी छवि पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। दोस्तो राजनीति में सादगी और भाईचारे की बातें सुनने में तो बहुत अच्छी लगती हैं, लेकिन जब कोई विधायक कहे कि उसे कोई विधायक ही नहीं मानता, तो जनता के बीच इसका संदेश कुछ और ही जाता है। क्या वाकई यह सिर्फ गांव वालों का प्यार है, या फिर क्षेत्र में विकास न होने की वजह से पैदा हुआ जनता का भारी आक्रोश? इस पूरे घटनाक्रम और विधायक के इस कबूलनामे पर आप क्या सोचते हैं? अपनी बेबाक राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।