दोस्तो, देहरादून का परेड ग्राउंड आज सियासी अखाड़ा बन गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 17 जुलाई के प्रस्तावित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम को परेड ग्राउंड में मंजूरी नहीं मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़क पर उतर आए। परेड ग्राउंड के बाहर जोरदार विरोध, नारेबाजी और पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तराखंड की राजनीति का तापमान अचानक बढ़ा दिया। कैसे कांग्रेसियों ने काटा बवाल। दोस्तो ये कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की दोरे से पहले की तस्वीर है, जहां परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमती नहीं मिलने पर कांग्रेसियों की नराजगी कुछ इस कदर सड़क पर दिखाई दी कि हंगामा और ड्रामा अपने चरम पर था। राहुल गांधी 17 जुलाई को उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें राहुल गांधी छात्रों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने परेड ग्राउंड को तीन दिन के लिए बुक कराया था। कांग्रेस नेताओं के अनुसार इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से शुल्क का भुगतान भी कर दिया गया था, लेकिन कार्यक्रम से 3 दिन पहले यानी 14 जुलाई की शाम को प्रशासन की ओर से परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति को कैंसिल कर दिया गया।
दोस्तो गणेश गोदियाल ने कहा कि हम परेड ग्राउंड में आकर सरकार को आगाह करना चाहते हैं कि वो अपनी हरकतों से बजा आए. इनका पतन शुरू हो चुका है। जहां पर नौजवान खड़ा होता है, वहां पर एक लकीर खिंच जाती है. उत्तराखंड राज्य में अब बदलाव की जरूरत है, क्योंकि भाजपा सरकार ने प्रदेश को गर्त में डालने का काम किया है। दोस्तो वैसे इस हंगामे के बाद कांग्रेस वालों को देरहादून के बीचों बीच परेड ग्राउंड में तो राहुल गांधी के युवा संवाद कार्यक्रम की इजाजत नहीं मिली, लेकिन रेसकोर्स में बन्नू स्कूल के मैदान को कार्यक्रम के लिए दिया गया। दोस्तो उत्तराखंड में पिछले 10 साल से बीजेपी सत्ता में है।कांग्रेस 2017 के विधानसभा चुनाव में पराजित हुई थी। तब से उत्तराखंड की सत्ता उससे दूर ही है। उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस के सिर्फ 19 विधायक हैं। 2027 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार उनकी सत्ता में वापसी होगी। उत्तराखंड में अब तक पांच विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इनमें से कांग्रेस दो बार तो बीजेपी तीन बार चुनाव जीती है। 2017 और 2022 में बीजेपी लगातार दो बार चुनाव जीती है, लेकिन अब शायद कांग्रेस राहुल गांधी के कार्यक्रम के जरिए जहां कार्यकर्ताओं का कमजोर हो चुके उत्साह को फिर से ताकत देना चाहती है। वहीं युवाओं से राहुल गांधी का संवाद कर, सरकार को घेरने की कोशीश और बीजेपी घेरने की कोशिश, लेकिन यहां तो कार्यक्रम को लेकर ही महाबवाल दिखाई दिया आगे क्या होगा पता नहीं।