उत्तराखंड में धामी सरकार अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। अभी तक 136 मदरसे जांच में बिना मान्यता और रजिस्ट्रेशन के पाए जाने के बाद सील कर दिए गए हैं। Action On Madrasas In Uttarakhand ज्यादातर अवैध मदरसे उधम सिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार जिले पाए गए हैं। इस कार्यवाही से जहां एक ओर अवैध मदरसे तो सील हो रहे हैं। तो वहीं, दूसरी ओर इन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए संकट भी पैदा हो रहा है कि आखिर इन बच्चों के शिक्षा का भविष्य क्या होगा? शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रदेश में दो तरह के मदरसे संचालित हो रहे हैं, पहले जो मदरसा बोर्ड से रजिस्टर्ड है और दूसरे जो मदरसा बोर्ड से रजिस्टर्ड नहीं है।
ऐसे में अवैध मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के पास दो विकल्प है। एक तो वह मदरसा बोर्ड से रजिस्टर्ड मदरसे में पढ़ सकते है और दूसरा शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में एडमिशन ले सकते है, जोकि निशुल्क हैं। जल्द ही स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। दूसरा शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर सकते हैं जोकि निशुल्क हैं। जल्द ही शिक्षा विभाग में प्रवेश यानी एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। शिक्षा विभाग की ओर से नए शैक्षिक सत्र को लेकर जो प्रवेश उत्सव मनाया जाता है उस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करते हैं ताकि बच्चों का दाखिला स्कूल में कराए ताकि पढ़ाई से कोई भी बच्चा छूटने ना पाए।