उत्तराखंड पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठंडी हवाओं ने लोगों को स्वेटर और जैकेट्स निकालने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिलेगी। सुबह और रात के समय सर्दी का असर और बढ़ेगा जबकि दिन में हल्की धूप कुछ राहत दे सकती है। हालांकि हवा की ठंडक इतनी तेज रहेगी कि धूप में भी ठिठुरन महसूस होगी। बरसात के दिनों में सामान्य से अधिक बादल बरसे तो आपदा ने खूब तबाही मचाई। ऐसे में अब सर्दियों से पहले तापमान भी अपने तेवर दिखा रहा है। भले रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से ठंड का अहसास होने लगा है लेकिन दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की वजह से दिन नवंबर के नहीं लग रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो नवंबर का दूसरा सप्ताह बीते दस वर्षों में पहले कभी इतना गर्म नहीं हुआ।
साल 2015 से 2024 तक इस महीने के शुरुआती दिनों में तापमान 30 के आसपास दर्ज किया गया था। जबकि दूसरे सप्ताह से तापमान में गिरावट देखने को मिली थी लेकिन 12 दिन गुजर जाने के बाद भी अभी नवंबर का तापमान 30 के आसपास ही रिकॉर्ड किया जा रहा है।बुधवार को भी दून का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री इजाफे के साथ 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कमी के साथ 10 डिग्री रहा। आंकड़ों की अनुसार रात के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पोस्ट मानसून की बारिश के बाद ही दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी प्रकार का बना रह सकता है। जबकि, उसके बाद तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। पहाड़ों में पाला और मैदानी क्षेत्रों में हल्का कोहरा भी छा सकता है।