तो क्या दोस्तो दयारा बुग्लाल ट्रैक से लापता बबीता पांडे किसी बात को लेकर परेशान थी, आखिर बबीता पांडे के मन में ऐसा क्या चल रहा था, जिसे कोई समझ नहीं पाया? क्या वह किसी गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही थीं? क्या उनकी सोशल मीडिया पोस्ट उनके भीतर के दर्द की कहानी बयां कर रही थीं? और आखिर क्यों बबीता के इंस्टाग्राम पोस्ट अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है? और इन पोस्ट की खुल कर कोई बात क्यों नहीं कर रहा.. बताउंगा आपको पूरी खबर कैसे पुलिस ने बबीता केस को दे दिया नया एंगल। दोस्तो पहले बबीता पांडे की रहमस्यमय गुमशुदगी को लेकर हम सबने दिन गिने, अब हफ्ते गिन रह हैं लेकिन बबीता पांडे के पारे में कई खबर ऐसी नहीं आई कि जिससे बबीता पांडे के अचानक गायब होने का राज खुल सके लेकिन हां बबीता पांडे की खोज में एंगल दर एंगल जरुर बदल रहे हैं। अब दोस्तो बबीता पांडे केस में अब एक नया एंगल सामने आया है, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी है। पुलिस को मिले कुछ डिजिटल सुराग और सोशल मीडिया गतिविधियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि बबीता पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थीं हालांकि अभी जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है, लेकिन इस नए खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं। अब दोस्तो बबीता केस में सामने आए इस नए एंगल और उन सुरागों के बारे में, जिन्होंने पुलिस की टेंशन बढ़ा दी है वो इस लिए क्योंकि बबीता पांडे की तलाश में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। SDRF और अन्य टीमें दयारा बुग्याल के उस इलाके की गहन तलाशी ले रही हैं, जहां उन्हें आखिरी बार देखा गया था। टीमों ने वहां मौजूद पेड़, आसपास के रास्तों, रैथल की ओर जाने वाले ट्रैक, दोनों तरफ की खाइयों और पत्थरों के बीच बने संभावित छिपने वाले स्थानों की भी बारीकी से जांच की है। इसके अलावा क्षेत्र में मौजूद छोटी-छोटी झीलों और अन्य संवेदनशील जगहों को भी खंगाला गया। अगर किसी जंगली जानवर से सामना हुआ हो, तो उस संभावना को देखते हुए भी हर पहलू की जांच की गई। हालांकि अब तक सर्च टीमों को कोई ठोस सुराग या सबूत नहीं मिला है। तलाश अभियान लगातार जारी है।
इसके अलावा कई बार इस बात को बल दिया जा रहा है कि कहीं कोई जंगली जानवर ने बबीता पांडे पर हमला किया और वो ले गया। इस पर पुलिस कहती है कि तलाशी अभियान के दौरान सर्च टीमों ने इलाके की प्राकृतिक परिस्थितियों और स्थानीय गतिविधियों का भी आकलन किया। अधिकारियों के मुताबिक दयारा बुग्याल क्षेत्र में वन गुर्जरों और बकरी पालकों के डेरे मौजूद हैं, जहां कुत्तों का लगातार आवागमन रहता है। दोस्तो टीम का कहना है कि यदि किसी जंगली जानवर ने हमला किया होता, तो आसपास गिद्धों या चीलों की गतिविधियां दिखाई दे सकती थीं, लेकिन अब तक ऐसे किसी भी प्राकृतिक संकेत के प्रमाण नहीं मिले हैं। यही वजह है कि जांच और सर्च ऑपरेशन सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जा रहा है। अब दोस्तो यहां तक सवाल ही सवाल हैं लेकिन इसके बाद जो खुलासा पुलिस करती दिखाई दी है उससे इस पूरे केस को नया एंगल दे दिया है वो खुलासा कर रहा है बबीता पांडे का फोन और बबीता पांडे द्वार की गई हालिया कुछ पोस्ट। आप लोग लगातार ये भी पूछ रहे हैं कि बबीता पांडे के फोन का क्या हुआ वो कहां है इसकी डिटेल निकाली जाए। उसको लेकर पुलिस ने ये तो हाल में ही बताया कि बबीता के मोबाइल की लास्ट लोकेशन दोपहर 1:37 बजे की मिली है। Apple फोन है, लेकिन अभी तक उसकी ID-पासवर्ड नहीं मिला, जिससे आगे की जानकारी नहीं निकल पा रही, लेकिन पुलिस इस बात को बड़े ही खुल कर कहती दिखाई दे रही हैं कि बबीता की मेंटल स्थिति ठीक नहीं लग रही है यानि कि मेंटल स्ट्रेस का एंगल इस पूरे मामले को नया मोड़ दे चुका है। दोस्तो पुलिस कहती है कि “बबीता पांडे ने ‘hidden slopes’ नाम से इंस्टाग्राम ID बनाई थी। उसकी emotional पोस्ट देखकर लग रहा है कि वो mentally satisfy नहीं थी। हो सकता है वो ट्रैक करके खुद ही नीचे आ गई हो। दोस्तो फिलहाल इंसान के रहने या जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं तो दोस्तों, बबीता पांडे की रहस्यमयी गुमशुदगी का सच अभी भी एक पहेली बना हुआ है। कई दिनों की लगातार तलाश, सैकड़ों लोगों की मेहनत, ड्रोन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद के बावजूद अब तक ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सके हालांकि अब जांच में सामने आए डिजिटल सुराग और सोशल मीडिया पोस्ट ने इस मामले को एक नया एंगल जरूर दे दिया है। लेकिन यह भी सिर्फ एक संभावना है, अंतिम सच नहीं। पुलिस अभी भी हर पहलू की जांच कर रही है और किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को खंगाल रही है। फिलहाल पूरा उत्तराखंड और बबीता के परिजन एक ही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द से जल्द इस रहस्य से पर्दा उठे और बबीता के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने आए।