हरक सिंह रावत ने भाजपा सरकार को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि जब 2023 में सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पारित हो गया है , तब केंद्र सरकार 2027 में परिसीमन और जनगणना के नाम पर दोबारा संसद में प्रस्ताव ले आई। जिससे महिलाओं का आरक्षण 2027 में लागू नहीं हो पाए। हरक सिंह रावत ने भाजपा पर देश की महिलाओं को आरक्षण के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। हरक ने कहा लोकसभा और विधानसभाओं में कानून बनाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, लेकिन राज्य की धामी सरकार विशेष सत्र बुलाकर नौटंकी कर रही है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण के नाम पर संघीय ढांचे को तहस नहस का काम किया है।