“कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो” दोस्तो दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां उत्तराखंड के एक ऐसे बेटे पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं, जो हर दिन अपने सपनों के लिए दो-दो मोर्चों पर लड़ रहा है। शादी में सिक्योरिटी गार्ड, असल पहचान– MMA फाइटर। कैसे संघर्ष ने कर दिया उत्तराखंड के इस लाल को वायरल, जो अब बन गया हर युवा के लिए प्रेरणा। दोस्तो संघर्ष की खबरें कहानियां तो आपने बहुत देखीं होंगी, लेखिन शायद ऐसी नहीं देखी होगी जैसा मै आपको दिखाने जा रहा हूं। वैसे दोस्तो सपने तो हर किसी का होता है, कुछ ना कुछ बनने का कुछ ना कुछ कर गुजरने का लेकिन कई बार हमारी आर्थिकी हमारे सारे के सारे सपनों पर पानी फेर देती है। तब दोस्तो होती है संघर्ष की शुरुआत विक्की टोमक्याल बनने की कहानी। दोस्तो ऐसी तस्वीरें आपने कई बार देखीं होंगी जहां कोई आपको किसी शादी में वैलकम कर रहा होगा, कोई आपकी गाड़ी को पार्क कर रहा होगा। कोई आपकी सुरक्षा में रात भर जाग रहा होगा, ये दरअसल हमारे आसपास की एक तस्वीर है, लेकिन दोस्तो इस उत्तराखंडी की एक और पहचान है और उस पहचान से हम कोसो दूर हैं और वो है संघर्ष की। दोस्तो अपनी मंजिल पाने के लिए विक्की जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, वो आसमां में सुराख करने की तरह ही है।
दोस्तो एक ओर विक्की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में अपना करियर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अपने खर्च और खेल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए पार्ट टाइम सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी करते हैं। दोस्तो हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक युवा शादी समारोह में सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर ड्यूटी करता दिखाई देता है। कुछ ही समय बाद लोगों को पता चला कि यह कोई सामान्य गार्ड नहीं, बल्कि MMA फाइटर विक्की सिंह टोमक्याल हैं। इसके बाद उनकी कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों ने इसे संघर्ष और समर्पण का उदाहरण बताया, तो कई लोगों ने सवाल भी उठाया कि आखिर एक उभरते हुए खिलाड़ी को अपने सपनों को जिंदा रखने के लिए दोहरी जिम्मेदारियां क्यों निभानी पड़ रही हैं। दोस्तो दोस्तो सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद वह अपने खेल का सपना नहीं छोड़ रहे। उनकी कहानी ने भारत में गैर-मुख्यधारा खेलों के खिलाड़ियों को मिलने वाले आर्थिक सहयोग, स्पॉन्सरशिप और सुविधाओं पर नई बहस छेड़ दी है, लेकिन उनका अंदाज बिलकुल अलग है। MMA फाइटर विक्की सिंह टोंकयाल ने सोशल मीडिया में प्यार देने वालों का किया शुक्रिया,बोले मैं इंडिया में ही रहूँगा।
इसके अलावा दोस्तो सोशल मीडिया में वायरल MMA फाइटर सिंह विक्की टोंकयाल जो दिन में ट्रेनिंग और रात में गार्ड ड्यूटी करते है अब उनकी डाइट देख दुनिया हैरान, भट्ट की चुड़कानी, मट्ठा, ककड़ी। दोस्तो लाखों करोड़ों के प्रोटीन शेक क्रेटिन और अपने डाइट पर पैसा खर्चा करने वाले भी हैरान है बल ये देख कर। भारतीय MMA फाइटर विक्की सिंह तोमक्याल का संघर्ष और समर्पण हर युवा के लिए प्रेरणा है। दोस्तो सपनों की उड़ान सिर्फ पैसों से नहीं, बल्कि हौसलों से तय होती है। दिन में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और रात-दिन रिंग में पसीना बहाने वाला उत्तराखंड का बेटा विक्की टोमक्याल आज लाखों युवाओं के लिए मिसाल बन चुका है। उनकी कहानी यह बताती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल दूर नहीं रहती। लेकिन यह कहानी एक सवाल भी छोड़ जाती है—क्या हमारे देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने सपनों को जिंदा रखने के लिए इतनी बड़ी आर्थिक लड़ाई लड़नी चाहिए?उम्मीद है कि विक्की जैसे मेहनती खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए समाज, सरकार और खेल संस्थानों का भरपूर सहयोग मिलेगा, ताकि उनका संघर्ष केवल प्रेरणा ही नहीं, बल्कि सफलता की नई कहानी भी बने।