उत्तराखंड में मानसून अब मुश्किलें बढ़ाने लगा है। लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हालात बिगाड़ दिए हैं। कहीं सड़कें बंद हैं, कहीं भूस्खलन ने रास्ते रोक दिए हैं, तो कहीं लोग मौसम की मार से जूझ रहे हैं। दोस्तो मै आप को बताउंगा मौसम का ताजा अपडेड और हर जिले का हाल कहां कितनी सड़कें हो गई ठप, कैसे बढ़ी परेशानी और आगे क्या होगा। दोस्तो सबसे मै आपको ये अपडेड कर दूं कि बारिश अभी नहीं रुकने वाली। प्रदेशभर में भारी बारिश के चलते 118 सड़कें अभी भी बाधित हैं, जबकि कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार गिर रहे मलबे और पत्थरों ने सफर को जोखिम भरा बना दिया है, लेकिन दोस्तो इन मुश्किल हालात के बीच सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों के सामने है, जो रोजमर्रा के कामों के लिए इन्हीं खतरनाक रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। उत्तराखंड में मानसून के बीच पहाड़ों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के पास नागुण गाड़ क्षेत्र से सामने आया ये वीडियो हालात की गंभीरता को दिखा रहा है, जहां भारी बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में पहाड़ों का सफर बेहद सावधानी से करने की जरूरत है। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और कमजोर पहाड़ी ढलानों के पास वाहन खड़ा करने से भी बचें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। दोस्तो टिहरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब रिहायशी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। रणाकोट गांव में तेज बारिश के कारण एक मकान की छत अचानक ढह गई। राहत की बात यह रही कि मकान में मौजूद बुजुर्ग महिला बाल-बाल बच गईं और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है।
अब दोस्तो ये वीडियो कहां का है इस साल का है या नहीं इसकी पूष्टी में नहीं करता, लेकिन डर तो लगाता बना ही हुआ है क्योंकि हमने इससे पहले ऐसी ही कई तस्वीरें देखी हैं, लेकिन दोस्तो बात अगर बारिश से परेशानी की करूं तो देखिए मानसून के बीच सड़क नेटवर्क पर भी असर दिखाई दे रहा है। राज्यभर में 118 सड़कें बंद हैं. जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, पांच राज्य राजमार्ग, एक बीआरओ सड़क, दो एमडीआर और 109 अन्य सड़कें शामिल हैं। सबसे अधिक 22 सड़कें टिहरी जिले में बंद हैं। देहरादून में 21 और चमोली में 16 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं। संबंधित विभागों की ओर से सड़कों को खोलने का कार्य जारी है। देहरादून जिले में भीमगोड़ा बैराज क्षेत्र में एक व्यक्ति के गंगा में डूबने की सूचना मिली। SDRF और अन्य एजेंसियों द्वारा उसकी तलाश की जा रही है। मसूरी में 44 मिमी, कालसी में 55 मिमी और मालदेवता में 22.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले के 21 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद बताए गए हैं।उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के कटाव से प्रभावित हर्षिल क्षेत्र में सुरक्षा कार्य जारी है। प्रशासन की ओर से कटाव रोकने के लिए बोल्डर और मलबा डंपिंग का काम किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। पुरोला, मोरी और बड़कोट क्षेत्रों में 70 से 80 मिमी तक वर्षा दर्ज हुई है। चमोली जिले में भी बारिश का असर बना हुआ है. जिले में अलकनंदा का जलस्तर 952 मीटर और नंदाकिनी का जलस्तर 867 मीटर दर्ज किया गया। नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. जिले में 16 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी सामान्य से नीचे है, लेकिन प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। तो देखा आपने, उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार अभी थमने वाली नहीं है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कहीं सड़कें बंद हैं, कहीं पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिर रहा है, तो कहीं प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।