Dehradun निहंग के साथ बात नहीं बनी??| Punjab | Kulhalborder | Police | Uttarakhand News

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उत्तराखंड की सीमा पर आखिर ऐसे हालात क्यों बने कि खुद डीएम और एसएसपी को मोर्चा संभालने के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरना पड़ा? क्या निहंग प्रतिनिधियों के साथ बातचीत से पहले हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि सीमा पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम करने पड़े?क्या प्रशासन को किसी अप्रिय स्थिति की आशंका थी, या यह केवल एहतियाती तैयारी थी? Nagrasu Gurudwara Nihang Dispute दोस्तो उत्तराखंड-हिमाचल सीमा के पांवटा साहिब क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट पर रही। सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए, वाहनों की सघन जांच हुई और वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी करते रहे। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल खुद मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उधर, निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ गुरुद्वारा पांवटा साहिब में प्रशासन की वार्ता भी जारी रही। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है, तो आखिर ग्राउंड जीरो पर कैसे हैं हालात? सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं? और प्रशासन क्या कह रहा है? दोस्तो ये वो तस्वीर है जिसने निहंग बनाम उत्तराखंड की स्थिति बना दी और उसके बाद हुई निहंग पर कार्रवाई को इस पंजाबीकौम ने अपने नाक का सवाल बना दिया, फिर ये उत्तराखंड कूछ देरहादून कूच, लेकिन दोस्तो क्या ये जो तनाव मौजूदा वाक्त में दिखाई दे रहा है, आपको इसका अंत नजर आ रहा है। क्योंकि ऐसी तो नहीं लेकिन जैसा कि बीते दिनों कर्णप्रयाग मे देखने को मिला, वैसे तस्वीरें कमवैस हर साल देखने को मिलती है, लेकिन हर बार निहंग ने देहरादून कुच नहीं किया, लेकिन इस बार ऐसा क्या हुआ कि स्थिति इस बार हाथ से निकल रही है और मामला सुलझने की वजाय बिगड़ता जा जा रहा है।

दोस्तो उत्तराखंड की सीमा पर आखिर ऐसे हालात क्यों बने कि खुद जिलाधिकारी और एसएसपी को ग्राउंड जीरो पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा? क्या प्रशासन को किसी बड़े टकराव की आशंका थी? क्या हालात पूरी तरह सामान्य हैं, या सिर्फ कड़ी निगरानी के चलते स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है? पंजाब से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर आने की कोशिश कर रहे निहंग सिख समुदाय को लेकर बीते कुछ दिनों से माहौल संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में देहरादून जनपद की पांवटा साहिब सीमा पर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई। खुद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोस्तो सीमा पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले हर वाहन की सघन जांच की जा रही है। सभी संभावित प्रवेश मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। इधर, प्रशासन का दूसरा फोकस संवाद पर भी रहा। पांवटा साहिब गुरुद्वारे में निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का दौर जारी है। प्रशासन का कहना है कि वार्ता सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में हो रही है तथा सभी पक्षों के सहयोग से स्थिति सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने साफ कहा है कि जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और हर गतिविधि पर प्रशासन तथा पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है। उधर, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने भी स्पष्ट किया है कि सीमा क्षेत्र सहित सभी संभावित प्रवेश मार्गों पर प्रभावी नाकेबंदी की गई है। यदि कोई व्यक्ति या समूह कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोस्तो फिलहाल प्रशासन का दावा है कि पांवटा साहिब सीमा पर हालात पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में हैं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल भी खड़े कर दिए हैं। क्या सीमा पर की गई सुरक्षा व्यवस्था भविष्य में भी ऐसी किसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है? क्या संवाद के जरिए इस पूरे विवाद का स्थायी समाधान निकल पाएगा, या आने वाले दिनों में फिर तनाव की आशंका बनी रहेगी? क्या संवेदनशील मामलों में राज्यों के बीच और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है, ताकि ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों? इन सवालों के जवाब आने वाला समय देगा। फिलहाल प्रशासन सतर्क है, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं और सभी की नजर उत्तराखंड की सीमा पर बनी हुई है।