Ravi Tamta के सपने पर तंज क्यों? | Hapida Sky Nex | Flying Vehicle | Viral Video | Uttarakhand News

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उत्तराखंड के छोटे से गांव से निकले रवि टम्टा ने ऐसा कमाल कर दिखाया कि उनका Flying Vehicle चर्चा में आ गया, लेकिन अब इसी उड़ान पर सवाल उठ रहे हैं। आखिर रवि टम्टा के सपने पर तंज क्यों? ट्रोलर्स के सवालों के बीच रवि टम्टा ने भी दिया करारा जवाब दिया है, लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ये उड़ने वाला वाहन कितना कामयाब होगा। सवाल ये है कि क्या किसी छोटे गांव के युवा की बड़ी कोशिश को सिर्फ इसलिए खारिज कर देना चाहिए, क्योंकि दुनिया में ऐसे प्रयोग पहले हो चुके हैं? तो आखिर रवि टम्टा के Flying Vehicle पर इतना बवाल क्यों मचा है? और ट्रोलर्स को उन्होंने क्या जवाब दिया? दोस्तो उत्तराखंड के एक छोटे से गांव से निकले रवि टम्टा ने जब अपने हुनर और हौसले से उड़ने वाले वाहन का प्रोटोटाइप तैयार किया, तो उनकी कोशिश की चर्चा पूरे देश में होने लगी, लेकिन अब इसी इनोवेशन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। UP के पूर्व मंत्री का बयान सामने आया—“ये चाइना के खिलौने हैं। तो वहीं सोशल मीडिया में रील बनाने वाले Amit Kilhor का उत्तराखंड के फ्लाइंग कार बनाने वाले रवि टम्टा के वीडियो पर बोले “यह मुझे गलगोटियास के चीनी कुत्ते की याद दिलाता है” लेकिन दोस्तो सवाल ये है कि क्या किसी बड़े सपने की शुरुआत सिर्फ इसलिए छोटी हो जाती है, क्योंकि दुनिया में उस तरह के प्रयोग पहले हो चुके हैं? दोस्तो रवि टम्टा के Flying Vehicle की तकनीक पर सवाल हो सकते हैं, उसकी कमियों पर चर्चा हो सकती है और उसे बेहतर बनाने की जरूरत भी हो सकती है, लेकिन एक छोटे गांव के युवा ने बड़ा सपना देखने और उसे जमीन पर उतारने की कोशिश की—क्या इस हौसले को ‘खिलौना’ कहकर खारिज कर देना सही है? तो इसलिए ये सवाल में भी पूछना चाहता हूं कि आखिर रवि टम्टा के सपने पर तंज क्यों? और उनके इनोवेशन को लेकर शुरू हुई ये बहस अब कहां तक जाएगी। मुझे नहीं पता लेकिन चर्चा में देवभूमि का लाल है, क्योंकि उसने किया कमाल है।

दोस्तो ये वीड़ियो उन ट्रोलर को रवी टम्टा का करारा जवबा है साथ वो कहते हैं कि जो भी उनके इस इनोवेशन पर सवाल कर रहा है वो उनके घर आकर देखें कि मेने इस पर कैसे काम किया है, फोटो वीडियो सब मौजूद हैं दोस्तो उत्तराखंड के युवा नवाचारक रवि टम्टा द्वारा विकसित HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। दो दिनों में तीन सफल परीक्षण उड़ानों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना के बाद अब इस परियोजना पर सवाल भी उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री आईपी सिंह ने इस फ्लाइंग व्हीकल को चीन की तकनीक की नकल बताते हुए दावा किया है कि ऐसे उपकरण चीन से आसानी से खरीदे जा सकते हैं। वहीं रवि टम्टा ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रोटोटाइप उनकी अपनी तकनीकी मेहनत का परिणाम है और इसका इंजन तमिलनाडु से मंगाया गया है। दरअसल दोस्तो यूपी के पूर्व राज्य मंत्री आईपी सिंह ने HAPIDA SKYNEX को लेकर सवाल उठाते हुए इसे चीन में उपलब्ध फ्लाइंग व्हीकल जैसा बताया। उन्होंने कहा कि, इस तरह की तकनीक चीन में पहले से मौजूद है और वहां से ऐसे उपकरण कम कीमत पर मंगाए जा सकते हैं। उन्होंने इसे “चीन के खिलौनों” जैसा बताते हुए इसकी मौलिकता पर भी सवाल खड़े किए। इन बयानों के बाद चर्चा इस बात पर केंद्रित हो गई कि अल्मोड़ा के काफलीखान गांव में तैयार हुआ यह प्रोटोटाइप कितना स्वदेशी है और इसमें विदेशी तकनीक या उपकरणों की कितनी भूमिका है, लोग इस बात को जानना चाह रहे हैं, हांलाकि रवि टम्टा इस साफ साफ कह चुके हैं कि ये उन्होंने खुद बनाया है यहां इतना जरूर है कि रवि टम्टा ये कहते हैं कि लगभग दो वर्ष पहले चीन गए थे, जहां उन्होंने फ्लाइंग व्हीकल से जुड़े तकनीकी प्रयोगों को करीब से देखा था। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ आवश्यक उपकरण चीन से लाए गए, लेकिन दोस्तो रवि टम्टा ये भी कहते हैं कि HAPIDA SKYNeX का इंजन तमिलनाडु से मंगाया गया और पूरी मशीन का डिजाइन, संयोजन और विकास उन्होंने अपनी तकनीकी समझ और इंटरनेट से जुटाई गई जानकारी के आधार पर किया।

दोस्तो रवि के अनुसार, यह किसी तैयार मशीन की कॉपी नहीं है, बल्कि अलग-अलग तकनीकों को समझकर तैयार किया गया एक स्वतंत्र प्रोटोटाइप है। इससे पहले दोस्तो रवि टम्टा बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही उड़ने वाली मशीनों में रुचि थी। वर्ष 2015 में उन्होंने व्यक्तिगत हवाई परिवहन विकसित करने का लक्ष्य तय किया और इसी दिशा में प्रयोग शुरू किए। उन्होंने अपनी कंपनी HAPIDA Sky Private Limited की स्थापना की। वर्ष 2025 में उन्होंने एक सिंगल-सीटर हेलिकॉप्टर भी तैयार किया, लेकिन वह प्रयोग सफल नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और भविष्य की स्काई मोबिलिटी पर काम जारी रखा। उनका मानना है कि भविष्य में लोग केवल सड़कों पर निर्भर नहीं रहेंगे। ट्रैफिक, प्रदूषण और मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में व्यक्तिगत हवाई परिवहन उपयोगी साबित हो सकता है। HAPIDA SKYNEX का पहला सफल परीक्षण 6 अगस्त को किया गया। रवि ने स्वयं इसे उड़ाकर देखा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस भी सक्रिय हो गई। 7 अगस्त को प्रशासन की निगरानी में दोबारा परीक्षण कराया गया। इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉल के माध्यम से रवि से बातचीत कर उनके प्रयास की सराहना की और इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में डीएम अंशुल सिंह और एसएसपी चंद्रशेखर आर. घोड़के की मौजूदगी में तीसरा परीक्षण कराया गया। इस प्रकार दो दिनों में HAPIDA SKYNEX ने तीन सफल उड़ानें भरीं। इसके साथ ही दोस्तो साथ ही इसके संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से भी संपर्क किया जाएगा। हालांकि, उनके प्रोटोटाइप को लेकर उठे सवालों के बीच फिलहाल ऐसी कोई स्वतंत्र तकनीकी रिपोर्ट या आधिकारिक जांच सामने नहीं आई है, जो इसे चीन की तकनीक की कॉपी साबित करती हो। ऐसे में इसकी मौलिकता और तकनीकी संरचना को लेकर अंतिम निष्कर्ष भविष्य में होने वाली विशेषज्ञ जांच और आधिकारिक परीक्षणों के बाद ही सामने आएगा, लेकिन ऐसे इनोवेशन पर सवाल उठाना या तंज कसना कितना सही है,आपकी राय का इंतजार रहेगा