उत्तरकाशी जिले में भारी बर्फबारी और बेहद खराब मौसम के चलते उच्च हिमालयी ट्रैकिंग रूटों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। कालिंदी पास, ऑडिन कोल और गौमुख-तपोवन जैसे दुर्गम क्षेत्रों में करीब 136 ट्रैकर्स, पर्वतारोही और स्थानीय पोर्टर्स फंसे हुए हैं। दिल्ली से ही स्थिति की कमान संभालते हुए मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव से आपात बैठक की और स्पष्ट किया कि सभी नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षित वापसी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम विभाग द्वारा क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी का रेड अलर्ट जारी होने के बाद मुख्यमंत्री ने आम जनता और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा नदियों से दूर रहने की अपील की है।
इस बड़े संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF), वन विभाग और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की संयुक्त टीमों ने युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक 30 से अधिक ट्रैकर्स को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया गया है, जबकि बाकी बचे लोगों की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है और वे पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए हेलीकॉप्टर रैकी की जा रही है, साथ ही उन तक भोजन, आवश्यक दवाइयां, गर्म कपड़े और पैक्ड फूड पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। रेस्क्यू किए गए लोगों की मेडिकल जांच के लिए बेस कैंपों पर एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीमें चौबीसों घंटे तैनात कर दी गई हैं।