सड़क के गड्ढों पर DM का एक्शन! CM हेल्पलाइन की शिकायतों का लिया रियलिटी चेक | Uttarakhand News

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देहरादून के जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज सड़कों की शिकायतों को बिना धरातली समाधान के पोर्टल पर जबरन बंद करने के मामलों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर चकराता रोड, जीएमएस रोड और शिमला बाईपास का औचक निरीक्षण किया और शिमला बाईपास पर खराब सड़क की शिकायत करने वाली महिला से खुद फोन पर बात कर जमीनी हकीकत जानी, जिसकी शिकायत को अधिकारियों ने बिना काम किए ही कागजों में बंद कर दिया था। इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल पोर्टल पर शिकायत बंद करना समाधान नहीं है, बल्कि धरातल पर वास्तविक और संतोषजनक काम होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने पिछले 36 से 180 दिनों से लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और अब अधिकारियों को हर फोर्स क्लोज शिकायत का ठोस कारण बताते हुए प्रमाण पत्र देना होगा।

मानसून के बाद बदहाल हुई देहरादून की सड़कों को सुधारने के लिए प्रशासन ने 15 अक्टूबर 2026 की अंतिम समयसीमा (डेडलाइन) तय की है, जिसके बाद मुख्यमंत्री और उच्च प्रशासन द्वारा दोबारा कड़ा रियलिटी चेक किया जाएगा। इस अभियान के तहत चकराता रोड पर बिना अनुमति सड़क की खुदाई करने पर जिलाधिकारी ने एडीबी (ADB) अधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही जीएमएस रोड से आईटीबीपी सीमाद्वार मार्ग पर जलभराव की स्थायी समस्या को दूर करने के लिए ₹4 करोड़ का नया प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जनता की समस्याओं के निवारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा के भीतर सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।