हल्द्वानी डकैती कांड में पुलिस का ऐसा शिकंजा कसा कि बदमाशों के होश उड़ गए! दिल्ली से 4 और आरोपी दबोचे गए, कथित मास्टरमाइंड यश सिडाना भी पुलिस के हत्थे चढ़ा। क्रेटा-स्कॉर्पियो से लेकर हथियारों तक बरामदगी का दावा है। 50 पुलिसकर्मियों और डॉग स्क्वायड की टीम ने आखिर कैसे इस पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई? आधी रात को पड़ी डकैती कांड का पूरा ऑपरेशन! दोस्तो कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी महा-लूट कांड का पर्दाफाश करके दे दिया है! जो बदमाश खुद को पुलिस की ‘SOG’ टीम बताकर, हाथों में तमंचे लहराते हुए आधी रात को जुआरियों से लाखों रुपये और सोना लूटकर दिल्ली की तरफ भागे थे। आज असली पुलिस के हंटर ने उनके पूरे साम्राज्य को मटियामेट कर दिया है! एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में 50 पुलिसवालों की जांबाज फौज ने दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर से लेकर किच्छा और हल्द्वानी तक ऐसा चक्रव्यूह रचा कि इस डकैती का मुख्य विलेन यानी मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत 4 और डकैत अब घुटनों के बल सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं! दोस्तो 19 अगस्त की वो खौफनाक रात, जब हल्द्वानी के गोरापड़ाव तीनपानी स्थित एक गैरेज-ऑफिस में 10 हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर ₹8 लाख कैश, 12 मोबाइल और सोने की भारी चेन लूट ली थी। इस दुस्साहसिक महा-डकैती को सुलझाना नैनीताल पुलिस के लिए साख का सवाल बन चुका था। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तुरंत मोर्चा संभाला और एसपी सिटी मनोज कत्याल, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र व सीओ अमित कुमार सैनी के नेतृत्व में थाना पुलिस, एसओजी, साइबर सेल और बीडीएस डॉग स्क्वायड को मिलाकर करीब 50 पुलिस अधिकारियों की एक ‘सुपर टीम’ खड़ी की। इसी महा-रणनीति का नतीजा है कि इस केस में अब तक कुल 6 आरोपी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं। दोस्तो पुलिस की साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने जब लुटेरों के मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज को ट्रैक किया, तो पता चला कि यह गैंग वारदात के बाद दिल्ली की तरफ भागा है। इससे पहले 22 अगस्त को पुलिस ने दिल्ली के जैतपुर मोड़ और डीएनडी फ्लाईओवर पर घेराबंदी करके डकैत अमनदीप और शिवराज सिंह को स्कॉर्पियो कार के साथ दबोचा और दोस्तो इसके ठीक अगले दिन यानी 23 अगस्त को पुलिस ने इस पूरी डकैती की स्क्रिप्ट लिखने वाले मुख्य विलेन यश सिडाना को हल्द्वानी से और उसके साथी अफजल मलिक को किच्छा से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की।
दोस्तो गिरफ्तार किए गए इन चारों शातिर डकैतों के पास से पुलिस ने मौत का भारी सामान बरामद किया है। मास्टरमाइंड यश सिडाना के पास से क्रेटा कार, एक 315 बोर का तमंचा और कारतूस मिले। अमनदीप से स्कॉर्पियो कार और तमंचा मिला, जबकि अफजल मलिक के पास से ₹18,000 कैश और 12 बोर का अवैध तमंचा बरामद हुआ है। दोस्तो इन सभी अपराधियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्होंने ही SOG अफसर बनकर इस पूरी लूट को अंजाम दिया था। इस भारी बरामदगी के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की नई कड़ी धारा 317(2) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे को और मजबूत कर दिया है, जिससे अब इन डकैतों का जेल से बाहर आना नामुमकिन है। दोस्तो इस बेहद पेचीदा और अंतरराज्यीय डकैती कांड का महज कुछ ही दिनों के भीतर पर्दाफाश करने पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने अपनी जांबाज पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है और उनके उत्साहवर्धन के लिए ₹2500 के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस कप्तानों का साफ कहना है कि इस गैंग के कुछ और सदस्य अभी फरार हैं जिनकी धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली और पीलीभीत इलाकों में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि देवभूमि में आकर गुंडागर्दी और डकैती डालने वाले अपराधियों की सही जगह सिर्फ और सिर्फ जेल की कालकोठरी है। दोस्तो नकली पुलिस बनकर असली डकैती डालने वाले आज असली कानून के हंटर के आगे अपने घुटने टेक चुके हैं। 50 पुलिसवालों की इस जांबाज टीम ने साबित कर दिया है कि उत्तराखंड में अपराधियों का बचना नामुमकिन है। नैनीताल पुलिस की इस त्वरित और आक्रामक कार्रवाई पर आपकी क्या राय है?