Rudrapur वोटर लिस्ट पर भिड़े नेता! | Shiv Arora | Rajkumar Thukral | Deepak Rawat | Uttarakhand News

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दोस्तो वोटर लिस्ट की बैठक में मुद्दा था लोकतंत्र का, लेकिन नेताओं के बीच छिड़ गया ऐसा संग्राम कि ‘तेरी औकात क्या है’ तक बात पहुंच गई! कमिश्नर दीपक रावत के सामने BJP और कांग्रेस के बड़े नेता आमने-सामने आ गए। आखिर वोटर लिस्ट के किस मुद्दे पर भड़का ये सियासी तूफान? दोस्तो जरा रुद्रपुर में BJP कांग्रेस के दो दिग्गजों के बीच महा-संग्राम! को देखिए कैसे कमिश्नर दीपक रावत के सामने ही चले लात-घूंसे! शिव अरोड़ा वर्सेस राजकुमार ठुकराल। दोस्तो आखिर SIR बैठक में क्यों आई हाथापाई की नौबत? “हम बीजेपी के बंधुआ मजदूर नहीं, बीच बैठक में टेबल थपथपाकर दी चुनौती! क्यों दी गई। क्या उत्तराखंड भाजपा के भीतर आगामी चुनावों से पहले वर्चस्व की एक ऐसी खूनी जंग शुरू हो चुकी है जो अब बंद कमरों से निकलकर सीधे प्रशासनिक बैठकों में लात-घूंसे चलाने तक पहुंच गई है? ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर कलेक्ट्रेट से एक ऐसी शर्मनाक और हैरान कर देने वाली तस्वी है जिसने पूरी सियासत को हिलाकर रख दिया है! कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की मौजूदगी में चल रही एक बेहद संवेदनशील बैठक के दौरान रुद्रपुर के वर्तमान विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। आखिर कमिश्नर के सामने इन दिग्गजों का गुस्सा क्यों फूटा और क्यों रुद्रपुर कलेक्ट्रेट छावनी में तब्दील हो गया? दोस्तो उत्तराखंड के तराई का सबसे संवेदनशील राजनीतिक केंद्र यानी रुद्रपुर, जहां कलेक्ट्रेट सभागार में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों की मौजूदगी में ‘SIR’ यानी वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक चल रही थी। तभी अचानक बैठक का माहौल एक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। रुद्रपुर के सिटिंग विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते यह बहस इतनी आक्रामक हो गई कि दोनों नेताओं के समर्थक मर्यादा की सारी सीमाएं लांघकर आपस में ही भिड़ गए और बीच हॉल में हाथापाई की नौबत आ गई।

अब दोस्तो जरा समझिए कि आखिर कमिश्नर दीपक रावत के सामने इन दोनों दिग्गजों के बीच यह बारूद क्यों फटा। दरअसल, उत्तराखंड में इस समय चुनाव आयोग के निर्देश पर वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण का काम चल रहा है, जिसे लेकर कांग्रेस पहले ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है, लेकिन रुद्रपुर में ये लड़ाई बीजेपी बनाम बीजेपी की दिखाई दे रही है हांलाकि अब पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल कांग्रेस में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का आरोप है कि क्षेत्र में उनके समर्थकों और एक विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से साज़िश के तहत हटाए जा रहे हैं। जब उन्होंने कमिश्नर के सामने यह मुद्दा आक्रामक तरीके से उठाया, तो वर्तमान विधायक शिव अरोड़ा ने इस पर आपत्ति जताई। दोस्तो बस फिर क्या था, दोनों नेताओं के बीच शब्दों के बाण चलने लगे और समर्थकों ने मर्यादित हो गए। दोस्तो राजकुमार ठुकराल अपने आक्रामक और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने टेबल थपथपाकर अधिकारियों के सामने शिव अरोड़ा गुट को खुली चुनौती दे दीयय विवाद इतना उग्र हो गया कि बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा। कमिश्नर दीपक रावत को खुद बीच-बचाव करने के लिए आगे आना पड़ा और कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। इस हंगामे के बाद दोनों ही नेताओं के समर्थक कलेक्ट्रेट के बाहर भी लामबंद हो गए, जिससे पूरे रुद्रपुर शहर का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। दोस्तो कमिश्नर के सामने हुई इस हाथापाई ने बीजेपी के ‘अनुशासन’ और ‘सब-ऑर्डिनेशन’ के बड़े-बड़े दावों की सरेआम पोल खोलकर रख दी है। रुद्रपुर की यह अंदरूनी गुटबाजी अब देहरादून में बैठे संगठन के आला नेताओं के लिए सिरदर्द बन चुकी है। दोस्तो प्रशासनिक बैठकों में जनता की समस्याओं को सुलझाने के बजाय जनप्रतिनिधियों का इस कदर आपस में भिड़ जाना देवभूमि की राजनीतिक संस्कृति को कलंकित करता है। देखना होगा कि इस हाई-प्रोफाइल हंगामे के बाद भाजपा संगठन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दोनों नेताओं पर क्या एक्शन लेते हैं। रुद्रपुर के इस महा-विवाद पर आपकी क्या राय है?