जी हां दोस्तो नेपाल की बात, भारत का जिक्र!बयान ऐसा, मच गया भारी बवाल बड़े नेता के बयान से ऐसी मची खलबली की देरहादून से लेकर दिल्ली तक सोच पड़ी सियासत। दोस्तो, जब किसी बड़े नेता के मुंह से “भारत में नेपाल जैसी जनक्रांति” की बात निकले, तो सियासत का पारा चढ़ना तय है। उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। हरक सिंह रावत का कहना है कि देश का युवा अब जाग चुका है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह नेपाल में जनआंदोलन ने सत्ता की दिशा बदली, उसी तरह भारत में भी जनता बदलाव का फैसला कर सकती है। इतना ही नहीं, उन्होंने सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और युवाओं की नाराज़गी को बड़ा संकेत बताया। अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक बयान है, या फिर विपक्ष जनता के मुद्दों को लेकर बड़ा चुनावी नैरेटिव तैयार कर रहा है? क्या सचमुच युवाओं का मूड बदल रहा है,आखिर हरक सिंह रावत ने ऐसा क्या कहा, जिसने उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। दोस्तो उत्तराखंड कांग्रेस राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के सफल आयोयन के बाद सातवें आसमान पर है। अब उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत ने बड़ा बयान दिया है. हरक सिंह रावत ने कहा देश में नेपाल की तरह जनक्रांति होगी, उन्होंने कहा आज देश का युवा जाग चुका है।
दोस्तो उत्तराखंड में आगामी साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। उससे पहले प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियों भाजपा और कांग्रेस मुद्दों को बनाने की कवायद में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय नेताओं के उत्तराखंड दौरे पर भी जोर दे रही हैं। इसी क्रम में 17 जुलाई को राहुल गांधी देहरादून पहुंचकर छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शिरकत की जिसका सफल आयोजन हुआ। राहुल गांधी के कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राहुल गांधी को रोकने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर भी हमला बोला। हरक सिंह रावत ने कहा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली गूंगी बहरी सरकार को नौजवान बाहर का रास्ता दिखाएंगे। हरक सिंह रावत ने इस देश का नौजवान, छात्र, छात्राएं खड़े होंगे। ये सरकारों को जवाब देंगे। उन्होंने कहा जिस तरह से देश में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रही है उसे देखते हुए लग रहा है यहां भी जनक्रांति होगी। कांग्रेस नेता के निधन के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर छात्रों के गूंज कार्यक्रम के दौरान तमाम नेता डांस करते दिखाई दिए। जिस पर हरक सिंह रावत ने कहा पेपर लीक की वजह से नौजवानों का हौंसला टूट रहा है। बावजूद इसके छात्र अब रोकर नहीं बल्कि डांस करके खड़ा होगा। उन्होंने कहा हम पूरी तरह से युवाओं के साथ खड़े हैं। उनके मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाने का काम कांग्रेस करेगी। तो दोस्तो, बयान बड़ा है, बहस भी बड़ी है!सियासत गरम है, लेकिन असली लड़ाई अभी बाकी है! एक तरफ कांग्रेस का दावा है कि देश का युवा बदलाव चाहता है, तो दूसरी तरफ बीजेपी लगातार विपक्ष के इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है। ऐसे में साफ है कि 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले युवा, रोजगार, पेपर लीक और शिक्षा जैसे मुद्दे सियासत के केंद्र में रहने वाले हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या युवाओं की नाराज़गी सचमुच चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगी, या फिर यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी तक ही सीमित रहेगी? इसका जवाब जनता देगी और वक्त तय करेगा।आपकी क्या राय है?क्या युवाओं के मुद्दे आने वाले चुनाव का सबसे बड़ा एजेंडा बनेंगे? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिए।