Haridwar बेल मिली रिहाई क्यों अटकी? | Urmila Sanawar | Ankita Bhandari | Uttarakhand News

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दोस्तो जमानत मिल गई, लेकिन जेल का दरवाजा अब भी बंद! अंकिता भंडारी प्रकरण में चर्चाओं में आई उर्मिला सनावर आखिर रोशनाबाद जेल से बाहर क्यों नहीं आ पा रही हैं? क्या जमानती की औपचारिकता बनी रिहाई में रोड़ा या देहरादून पुलिस के किसी दूसरे मुकदमे में कार्रवाई की तैयारी? 5 करोड़ की रंगदारी का केस, पुराने मुकदमे और अब रिहाई पर सस्पेंस! आखिर पर्दे के पीछे चल क्या रहा है? पूरी खबर देखिए आखिर क्यों लगा अंकिता केस में VIP का नाम खोलने वाली उर्मिला सनावर की आजादी पर ब्रेक। दोस्तो अपनी देवभूमि में इस वक्त सबसे सनसनीखेज और बड़ा कानूनी ड्रामा! उत्तराखंड की सियासत और अपराध जगत की वो सबसे चर्चित पहेली, जो 2 नवंबर 2026 को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी सुलझने का नाम नहीं ले रही है! हम बात कर रहे हैं अभिनेत्री उर्मिला सनावर की, जिन्हें हरिद्वार कोर्ट से बेल तो मिल गई, लेकिन आज भी वो जेल से रिहा नहीं हो पाई हैं! आखिर ऐसा क्या हुआ कि 50-50 हजार के निजी मुचलके और जमानत मिलने के बाद भी वो आज रोशनाबाद जेल की सलाखों के पीछे ही रात काटने को मजबूर हैं? क्या जमानती न मिलना सिर्फ एक कानूनी अड़चन है, या फिर परदे के पीछे देहरादून पुलिस की टीम कोई ऐसा बड़ा खेल खेल रही है जो उर्मिला सनावर को कभी जेल से बाहर आने ही नहीं देगा?! दोस्तो पूरी कहानी शुरू होती है 25 अक्टूबर 2026 को, जब पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने रानीपुर कोतवाली में एक हाई-प्रोफाइल मुकदमा दर्ज कराया। आरोप था कि उर्मिला सनावर ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उनके परिवार को बदनाम करने वाले आपत्तिजनक वीडियो रोकने के बदले ५ करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी और हरिद्वार की रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने की मांग की थी।

पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए उर्मिला को सहारनपुर से गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रोशनाबाद जेल भेज दिया था। दोस्तो सोमवार को हरिद्वार के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत में लंबी बहस के बाद उर्मिला सनावर की जमानत तो मंजूर हो गई। लेकिन आज मंगलवार का पूरा दिन बीत जाने के बाद भी उनकी रिहाई की फाइल रोशनाबाद जेल के गेट तक नहीं पहुंच पाई! आखिर अदालत का आदेश होने के बावजूद उर्मिला सनावर जेल से बाहर क्यों नहीं आ सकीं? उर्मिला की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान का आधिकारिक तौर पर कहना है कि रिहाई की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और सक्षम जमानती दाखिल करने की औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, लेकिन दोस्तो अंदरखाने की खबरों पर यकीन करें, तो कहानी कुछ और ही इशारा कर रही है! सूत्रों के मुताबिक, उर्मिला की रिहाई में हो रही इस देरी के पीछे देहरादून पुलिस की एक खास टीम की एंट्री हो चुकी है। चर्चाएं बेहद गर्म हैं कि देहरादून पुलिस उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज अन्य पुराने मामलों में उनका रिमांड लेने की बड़ी तैयारी कर रही है! यानी अगर हरिद्वार कोर्ट के मामले में जमानती दाखिल हो भी जाते हैं, तो जेल के मुख्य दरवाजे से बाहर निकलते ही देहरादून पुलिस उन्हें किसी दूसरे केस में वहीं पर दोबारा गिरफ्तार या रिमांड पर ले सकती है! दोस्तो ये याद रखना होगा कि उर्मिला सनावर का यह विवाद सिर्फ 5 करोड़ की रंगदारी तक सीमित नहीं है। उर्मिला का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और वीडियो विवाद के बाद सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया था। उर्मिला के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून के अलग-अलग थानों में पहले से ही करीब ११ मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। वो पहले ही देहरादून की सीबीआई कोर्ट में लाइव कैमरों के सामने नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की चुनौती दे चुकी हैं। यही वजह है कि उनकी इस बेल को पुलिस इतनी आसानी से पचने नहीं दे रही है। कानून के जानकारों का मानना है कि पुलिस हर हाल में उर्मिला को कस्टडी में रखकर उन तमाम फाइलों और राजों को खंगालना चाहती है, जो वो सोशल मीडिया पर खोलने का दावा करती आई हैं। दोस्तो जमानत मिलने के बाद भी जेल में बंद रहना इस बात का साफ सबूत है कि इस केस की डोर बहुत दूर तक जुड़ी हुई है। अब देखना यह होगा कि वकील प्रीति सिंह चौहान कब तक जमानती कोर्ट में पेश कर पाती हैं और क्या देहरादून पुलिस उर्मिला के बाहर आने से पहले अपना रिमांड का वारंट तामील करवा देती है! क्या आपको लगता है कि 5 करोड़ की रंगदारी के इस मामले के पीछे अंकिता भंडारी केस से जुड़े कई बड़े सफेदपोशों के चेहरों को छिपाने की कोशिश हो रही है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।