भोपाल मध्यप्रदेश में ट्रेनिंग के दौरान हादसे से सात गढ़वाल राइफल में हवलदार विजय सिंह गुसाईं की मौत हो गई। विजय सिंह गुसाईं के शहीद होने का समाचार जैसे ही परिजनों व गांव के लोगों को मिला। जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। Soldier Vijay Singh Gusain परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। सैनिक का पार्थिव शरीर भोपाल से दिल्ली लाया गया। 25 जून को सुबह विजय सिंह गुसाईं का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए कंडारी गांव में उनके घर लाया जायेगा। यहां से पार्थिव शरीर को पैतृक कोटेश्वर घाट ले जाया जायेगा। जहां पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा। गजा तहसील के कंडारी गांव निवासी विजय सिंह गुसाईं (37) वर्ष 2009 में गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे। इन दिनों वह एमपी के भोपाल में तैनात थे। बीते दिन ट्रेनिंग के दौरान लोहे का डमी बम उनके सिर पर जा गिरा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सेना अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके जीजा जितेंद्र सजवाण ने बताया कि विजय अपने पीछे मां कमली देवी, पत्नी पूजा, दो छोटे बच्चों को छोड़ गए है। वर्तमान में उनकी पत्नी और बच्चे देहरादून के गढ़ी कैंट में और मां गांव में रहती हैं। एक माह पूर्व विजय छुट्टी से डयूटी पर गए थे।
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