प्रदेश के सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश..अधिकारियों को दिया गया 3 हफ्ते का समय

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देहरादूनः गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी के ऊपर बने केबल पुल टूटने से 135 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। उत्तराखंड में भी कई पुल हैं, जो जर्जर हालत में हैं। लिहाजा, उत्तराखंड के पुलों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के दो हजार से अधिक मोटर व झूला पुलों का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तीन सप्ताह में पुलों की मरम्मत के संबंध में प्रस्ताव मांगे हैं।

जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश में पुलों का उचित अनुरक्षण न होने, मानकानुसार Periodically safety audit की निर्धारित समय में व्यवस्था न होने, भार क्षमता से अधिक यातायात संचालन होने,पुलों के समीप साईनेजेज न होने तथा पुलों की अत्यधिक समयावधि (निर्माण की) होने से देश एवं प्रदेश के कई महत्वपूर्ण सेतु दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिसमें जान-माल के नुकसान के साथ-साथ आवागमन बाधित हो रहा है। उन्होंने प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस सम्बन्ध में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करते हुये प्रदेश में अवस्थित पुलों से सम्बन्धित अद्यतन सूचना प्रत्येक दशा में 03 सप्ताह के अन्दर शासन में उपलब्ध कराया जाए।

उत्तराखंड में पुलों का विवरण

  • 105 बड़े मोटर पुल
  • 550 छोटे मोटर पुल
  • 537 बड़े पैदल पुल
  • 817 छोटे पैदल पुल
  • 2009 पुलों का होना है सेफ्टी ऑडिट

पुराने और जर्जर पुल बदले जाएंगे

  •  436 पुराने और जर्जर पुल हैं प्रदेश में
  • 207 पुल राज्य मार्गों पर बने हैं
  • 65 पुल मुख्य जिला मार्गों पर हैं
  • 60 पुल अन्य जिला मार्गों पर हैं
  • 104 पुल ग्रामीण मार्गों पर बने हैं