रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बाद पूरा मंदिर परिसर और आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ की मोटी सफेद चादर से ढक गई हैं। शीतकाल की दस्तक के साथ ही केदारघाटी का यह दिव्य नजारा किसी विंटर वंडरलैंड की तरह अलौकिक प्रतीत हो रहा है। धाम में बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस ने चारधाम यात्रा के अंतिम पड़ाव में पहुंच रहे तीर्थयात्रियों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है, जिसमें श्रद्धालुओं को भारी ऊनी कपड़े, आवश्यक दवाइयां साथ रखने और मौसम का अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की अपील की गई है।
इस कड़ाके की हाड़ कंपाने वाली ठंड और विपरीत मौसम के बावजूद, बाबा केदारनाथ के प्रति भक्तों की अटूट आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु बर्फ की सफेद फुहारों के बीच लंबी कतारों में खड़े होकर बाबा के जयकारे लगाते हुए दर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष अब तक 18.53 लाख से अधिक रिकॉर्ड श्रद्धालु बाबा के दरबार में माथा टेक चुके हैं। यह बर्फबारी ऐसे समय में हो रही है जब इस यात्रा सीजन का समापन बेहद करीब है और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार, आगामी 11 नवंबर को शीतकाल के लिए केदारनाथ मंदिर के कपाट पारंपरिक विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद बाबा केदार की शीतकालीन पूजा उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होगी।