kotdwar, Urvashi Rautela ने अंकिता केस पर क्या कहा? | justice For Ankita | Uttarakhand News

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दोस्तो बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला पहुंचीं सिद्धबली धाम, लेकिन चर्चा सिर्फ बाबा के दर्शन की नहीं! अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की उनकी पुरानी मुहिम फिर सुर्खियों में है। क्या कोटद्वार पहुंचने पर विकास और अंकिता केस को लेकर भी कोई नया बयान आया? दोस्तो जब अपनी माटी और अपने लोगों पर कोई विपदा आती है, तो फिर बॉलीवुड की चकाचौंध भी फीकी पड़ जाती है! कोटद्वार की बेटी और बॉलीवुड की ग्लैमरस दिवा उर्वशी रौतेला हाल ही में उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिद्धबली धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा सिद्धबली की विशेष सेवा-अर्चना की, लेकिन दोस्तो जैसे ही मीडिया और स्थानीय जनता ने उन्हें घेरा, तो सवाल सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। बात उठी उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की और बात उठी कोटद्वार के बदहाल विकास की! उर्वशी ने बिना किसी हिचकिचाहट के इन दोनों बड़े संवेदनशील मुद्दों पर बहुत ही गंभीर और तीखी प्रतिक्रिया दी है। आखिर क्या कहा उर्वशी रौतेला ने? पहाड़ की बेटियों की सुरक्षा को लेकर उनके तेवर इतने तल्ख क्यों हो गए? दोस्तो दुनिया भर में अपने हुस्न और अदाकारी का परचम लहराने वाली अभिनेत्री उर्वशी रौतेला जब अपने गृह क्षेत्र कोटद्वार पहुंचीं, तो उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला। ग्लैमर की दुनिया से दूर, उर्वशी ने कोटद्वार के सिद्धबली मंदिर में आम श्रद्धालुओं की तरह बाबा के दर्शन किए और मंदिर में सेवा भाव भी जताया, लेकिन इस धार्मिक यात्रा के बीच उत्तराखंड की दो सबसे बड़ी गूंज—कोटद्वार का बुनियादी विकास और अंकिता भंडारी केस का इंसाफ—अभिनेत्री के सामने यक्ष प्रश्न बनकर खड़े हो गए।

दोस्तो उत्तराखंड के पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में हुई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। कोटद्वार की ही रहने वाली उर्वशी रौतेला इस घटना के बाद से ही लगातार पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग उठाती रही हैं। दोस्तो उर्वशी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर #JusticeForMyAnkita अभियान चलाया था। उन्होंने बहुत ही सशक्त शब्दों में कहा था कि “नारीवाद (Feminism) महिलाओं को मजबूत बनाने के बारे में नहीं है, महिलाएं पहले से ही बहुत मजबूत हैं; यह इस बारे में है कि दुनिया उनकी उस ताकत को किस नजरिए से देखती है।” उन्होंने ईरान में महिलाओं के आंदोलन और अंकिता को न्याय दिलाने के समर्थन में अपने बाल तक कटवा लिए थे, जो यह साबित करता है कि वे अंकिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के पक्ष में कितनी मुखर रही हैं। दोस्तो बात सिर्फ अपराध के खिलाफ खड़े होने की नहीं है, उर्वशी ने कोटद्वार और उत्तराखंड के विकास को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है। उनका साफ मानना है कि जब तक उत्तराखंड के युवाओं को पहाड़ों में ही रोजगार के साधन नहीं मिलेंगे और जब तक बुनियादी स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं दुरुस्त नहीं होंगी, तब तक पलायन को रोकना नामुमकिन है।

दोस्तो एक अंतरराष्ट्रीय हस्ती होने के नाते उर्वशी ने इस बात पर जोर दिया कि कोटद्वार में पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सरकारों के ठोस कदमों की जरूरत है। उन्होंने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सिस्टम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देवभूमि के विकास के लिए अब धरातल पर काम करना होगा, सिर्फ कागजों पर नहीं। वहीं दोस्तो सिद्धबली बाबा के दर पर सिर झुकाकर उर्वशी रौतेला ने यह साफ संदेश दे दिया है कि वे भले ही आज मुंबई या विदेशों में रहती हों, लेकिन उनके दिल की धड़कन आज भी उत्तराखंड के पहाड़ों और यहां की जनभावनाओं के लिए ही धड़कती है। अंकिता के लिए न्याय की आवाज बुलंद रखकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे उत्तराखंड के स्वाभिमान के साथ कभी समझौता नहीं करेंगी। दोस्तो अब देखना होगा कि पहाड़ की इस लाडली द्वारा उठाए गए विकास और सुरक्षा के इन तीखे सवालों का संज्ञान उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी और सरकार किस तरह लेती है, या फिर हर बार की तरह इन बुनियादी मुद्दों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।