जी हां दोस्तो एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत में बदलाव की बात चल पड़ी है और इस बार कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री के दावे ने बंद कमरों के खेल का किया है पर्दाफाश। कैसे दावा किया जा रहा है कि एक बयान से बीजेपी में खलबली मचनी तय है ! और चुनाव से पहले उत्तराखंड में कौन सी नई बिसात बिछी? दोस्तो वैसे तो उत्तराखंड की राजनीति में बदलाव की खबर उड़ना कोई नहीं बात नहीं है लेकिन उत्तराखंड की राजनीति के सबसे बेबाक और कद्दावर खिलाड़ी डॉ. हरक सिंह रावत ने एक बार फिर ऐसा सियासी तीर छोड़ा है, जिसने देहरादून से लेकर दिल्ली तक बीजेपी के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है! कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बनते ही हरक सिंह रावत फुल एक्शन मोड में आ चुके हैं। उन्होंने सीधे कैमरे के सामने दहाड़ते हुए उत्तराखंड में एक बहुत बड़े ‘राजनीतिक तख्तापलट और बदलाव’ का दावा कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हरक सिंह रावत ने इस बार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को सीधे निशाने पर लेते हुए उन्हें ऐसा लपेटा है कि सत्ता के गलियारों में सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है! आखिर हरक सिंह रावत ने बंद कमरों की कौन सी कहानी बयां की है और क्यों उनका यह बयान इस समय सोशल मीडिया पर तंज और तकरार की बाढ सी आ गई। और हरक सिंह रावत ने बीजेपी के साथ महेंद्र भट्ट को भी नहीं छोड़ा। दोस्तो हरक सिंह रावत अपने अंदाजे को पैमाना बता कर बता दिया कि कैसे बदलाव होन वाला है। वहीं दोस्तो आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर हरक सिंह रावत ने बहुत बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। उनका साफ कहना है कि उत्तराखंड की जनता इस समय मौजूदा सरकार की नीतियों से त्रस्त हो चुकी है और पर्दे के पीछे एक ऐसा बड़ा राजनीतिक अंडरकरंट चल रहा है, जो चुनाव आते ही पूरी सत्ता को उखाड़ फेंकेगा। हरक का यह आक्रामक अंदाज साफ बता रहा है कि वह इस बार बीजेपी को वॉकओवर देने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।
दोस्तो इस पूरे बयान में सबसे ज्यादा चटकारेदार हिस्सा वह था, जहां हरक सिंह रावत ने सीधे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर सीधा हमला बोला। हरक सिंह रावत ने महेंद्र भट्ट के चुनावी और सांगठनिक दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। रावत ने तंज कसते हुए कहा कि महेंद्र भट्ट चाहे जितनी बैठकें कर लें या अनुशासन का डंडा चला लें, लेकिन उनके अपने ही विधायक और कार्यकर्ता इस समय पार्टी के भीतर चल रही तानाशाही से परेशान हैं। हरक ने दावा किया कि बीजेपी के भीतर की यह अंदरूनी कलह चुनाव से ठीक पहले एक बड़े विस्फोट के रूप में सामने आएगी और महेंद्र भट्ट देखते रह जाएंगे। तो दोस्तो हरक सिंह रावत के चेलों की कमी नहीं नहीं उत्तराखंड कि सियासत में, अब दोस्तो यूं ही हरक सिंह रावत को उत्तराखंड की राजनीति का चाणक्य नहीं कहा जाता। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के रूप में वे लगातार संगठन की मजबूती और रूट-लेवल पर माइक्रो-मैनेजमेंट कर रहे हैं। उनका यह बयान सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि यह बीजेपी के असंतुष्ट धड़े के लिए एक सीधा संकेत है। सूत्रों की मानें तो हरक सिंह रावत इस समय बीजेपी के कई बड़े बागियों और नाराज नेताओं के सीधे संपर्क में हैं। आम आदमी पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष डीके पाल को कांग्रेस में शामिल कराने के बाद, हरक अब तराई से लेकर पहाड़ों तक कई और कद्दावर चेहरों की जॉइनिंग कराने का खाका खींच चुके हैं, जिसने महेंद्र भट्ट और संगठन महामंत्री की चिंता बढ़ा दी है। वहीं दोस्तो बीजेपी लोगों के आपसी द्वंद और अंतर कलह की खबरें भी चरम हैं। ऐसे हरक सिंह रावत इसी अंदरूनी गुटबाजी का फायदा उठाकर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा ठोक रहे हैं। दोस्तो हरक सिंह रावत के इस विस्फोटक बयान ने उत्तराखंड की चुनावी बिसात को पूरी तरह गरमा दिया है। एक तरफ महेंद्र भट्ट का सांगठनिक ढांचा है, तो दूसरी तरफ हरक सिंह रावत का यह जमीनी और आक्रामक तेवर। अब देखना होगा कि जनता इस राजनीतिक जंग में किसके दावों पर मुहर लगाती है। हरक सिंह रावत के इस बड़े दावे और महेंद्र भट्ट पर किए गए इस हमले पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपनी बेबाक राय ज़रूर दें
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