Gadarpur BJP विधायक Arvind Pandey पर बड़ा आरोप! । Uttarakhand News।BJP । Congress

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उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय पर लगे आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कैसे अरविंद पांडे के एक वायरल लेटर के बाद गदर पर में भाई गदर मचा हुआ है। अब आरोप और भी बड़े बीजेपी के विधायक और पूर्व मंत्री पर लग रहे हैं, वो बेहद चौकाने वाले हैं ..तो क्या वाकई कांग्रेस से कोई “सेटिंग” हुई है, या फिर यह सिर्फ सियासी साजिश का हिस्सा है? बेटे पर जमीन हड़पने के आरोप लगते ही सामने आया ये लेटर—क्या ये महज संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी कहानी छिपी है? मै आपको पूरी खबर बताउंगा। दोस्तो अभी उत्तराखंड सियासी हवा में इस बात का शोर सवाल कर रही रहा था कि बीजेपी विधायक ने अरविंद पांडे ने बीजेपी के बड़े नेता और सरकार के खिलाफ सिकायत लिखी थी जिस चिट्टठी को कांग्रेस के जरिए सर्वजानिक किया गया जिस में पत्र में दोस्तो गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के कथित पत्र को सार्वजनिक करते हुए मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन दोस्तो अब इस कहानी में एक नया मोड़ आया है वो ये है कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी एवं गदरपुर के पूर्व पालिका अध्यक्ष सुरेश कंबोज ने साथ बैठ कर अरविंद पांडे को लेकर बड़े-बड़े खुलासे किये दोस्तो जरा सुखदेव सिंह नामधारी को सुनिए।

तो दोस्तो नामधारी ने आरोप लगाया कि विधायक पांडेय की कांग्रेस से सेटिंग हो चुकी है और वह पार्टी में जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का विधायक होते हुए भी पांडेय लगातार अपनी ही सरकार और पार्टी की आलोचना कर उसे बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब गणेश गोदियाल के बयान से यह बात साफ हो गई है कि पांडेय कहीं न कहीं कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। नामधारी यह भी आरोप लगाया कि पांडेय के खिलाफ 30 से 35 मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही उन पर अपने रिश्तेदारों को सरकारी विभागों और चीनी मिलों में नौकरी दिलाने का आरोप भी लगाया। तो दोस्तो वहीं, गणेश गोदियाल के एक बयान पर पलटवार करते हुए नामधारी ने कहा कि उनके विरुद्ध बिना तथ्यों के टिप्पणी की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह जल्द ही मानहानि का नोटिस भेजेंगे और जवाब मांगेंगे। इस मौके पर सुरेश कंबोज भी मौजूद रहे. उन्होंने तो अरविंद पांडे को सबसे बड़ा डकैट कह दिया। दोस्तो मामला बेहद बड़ा और पेंचिदा होता जा रहा है राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आगामी समय में और गहराएगा तथा सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो सकता है। फिलहाल इस मुद्दे पर प्रदेशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी की नजरें आने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं आगे क्या होता है बल देखना होगा। क्या आने वाले वक्त में गदर पुर बड़ा सियासी गदर होने वाला है ये उसी का संकेत या फिर कुछ और